मोदी सरकार के चार साल : आठ राज्यों से 20 तक पहुंची, लेकिन जनता में बढ़ी नाराजगी,जानें कारण..

नरेंद्र मोदी सरकार के चार वर्ष पूरे हो गये हैं. इन चार वर्षों में मोदी सरकार की उपलब्धि यह रही कि भाजपा आठ राज्यों से बढ़कर 20 राज्यों तक फैल गयी. विभिन्न मोर्चों पर सरकार की उपलब्धि क्या रही इस बात पर तो मंथन किया जायेगा लेकिन यह बात भी करने वाली है कि आज के समय में भाजपा देश की सबसे बड़ी पार्टी है. उसकी बढ़ती ताकत का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि आज समूचा विपक्ष उसके खिलाफ एकजुट है.

आज समूचा उत्तर भारत या यूं कहें कि हिंदी पट्टी पर भाजपा का कब्जा है सिवाय पंजाब के. यहां तक की नार्थ-ईस्ट के आठ राज्यों में सात में वह सरकार में शामिल है. पूरे उत्तर भारत पर विजय हासिल करने के बाद भाजपा अब पूर्वी और दक्षिणी भारत पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, जहां उसकी उनकी पहुंच बहुत कम है. बंगाल, ओडिशा जैसे राज्य अभी भी उसकी पहुंच से बाहर हैं. ऐसे में भाजपा की यह कोशिश है कि वह ‘मोदी लहर’ में इन राज्यों पर भी अपनी पकड़ बना ले. भाजपा ने मोदी लहर में 2014 का चुनाव जीता था और पूर्ण बहुमत हासिल किया था. जिस तरह से भाजपा सरकार का फैलाव पूरे देश में हुआ है, उससे कहना ना होगा कि आज भी कमोबेश यह लहर देश में मौजूद है.

देश के 47 प्रतिशत लोग नहीं चाहते मोदी की हो वापसी

बावजूद इसके आज के समय में कराये गये सर्वे के अनुसार आज देश की 47 प्रतिशत जनता यह नहीं चाहती है कि 2019 में मोदी सरकार फिर से देश की सत्ता पर काबिज हो. इसके प्रमुख कारण हैं मोदी सरकार की चंद विफलताएं जिसने ‘मोहभंग’ की स्थिति उत्पन्न कर दी है. इन चार सालों में मोदी सरकार ने जो कुछ खोया उनमें प्रमुख हैं-

गठबंधन के साथियों का साथ छोड़ना

वर्ष 2014 के चुनाव में जो पार्टियां सहर्ष भाजपा के साथ थीं, आज वे एनडीए छोड़कर जा चुकी हैं.जिनमें चंद्रबाबू जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं. शिवसेना के साथ भी संबंध बिगड़े हैं और दोनों ने एकदूसरे के खिलाफ बयानबाजी की है.

वादा ना निभाने के कारण खोया लोगों का विश्वास

भाजपा 2014 के लोकसभा चुनाव में जिन वादों को करके सरकार में आयी थी उनमें से किसी वादे को पूरा करने में सरकार  सफल नहीं हो पायी. ना तो विदेश से कालाधान आया ना दाउद. ना ही सरकार महंगाई पर काबू पा पायी. अभी पेट्रोल की कीमतों में जैसी वृद्धि हुई है उससे आम जनता बहुत नाराज है.

सफल नहीं हुआ सबका साथ सबका विकास का नारा

नरेंद्र मोदी हमेशा यह बात कहते हैं लेकिन इसे उनका जुमला बना दिया गया है. आम जनता परेशान है, उसे ढंग से दो रोटी नहीं मिल रही और इंडस्ट्रियलिस्ट कमा रहे हैं.

महिलाओं के खिलाफ रोक नहीं पाये  अपराध 

मोदी जो चाहे दिन भर यह नारा दोहराते हैं ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ लेकिन सच्चाई यह है कि वे देश में महिलाओं को सुरक्षित नहीं कर पाये. आये दिन महिलों के साथ अनहोनी होती है.जिसके कारण वे विरोधियों के निशाने पर हैं.


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