बिहार की विभिन्न जेलों से 74 बंदियों को रिहा किया गया

पटना: पिछले तीन दिनों में बिहार के विभिन्न जेलों में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे 74 कैदियों को उनके अच्छे व्यवहार के चलते जेल से रिहा किया गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनकी रिहाई के आदेश पर 12 जून को हस्ताक्षर किया. इंस्पेक्टर जनरल मिथिलेश मिश्र ने बताया कि सभी बंदियों ने 14 साल की कैद भुगत ली थी.

जारी किये गए अधिसूचना के अनुसार, 36 कैदियों ने पटना हाई कोर्ट में अपनी रिहाई के लिए अपील की थी जबकि बाकी 38 कैदियों के मामले जेल विभाग के विचाराधीन थे.

सूत्रों के अनुसार, 2002 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि आजीवन कारावास का मतलब पूरा जीवन जेल में बीतना चाहिए, लेकिन अलग अलग राज्यों की सरकारों ने आजीवन कारावास में कमी के लिए अलग अलग नियम बनाए. अपराधी की सजा में कमी का फैसला कई स्तर की रिपोर्ट आने के बाद लिया जाता है. इसमें उस जिले के पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट शामिल होती है, जहाँ अपराध की घटना घटी थी, जेल विभाग के प्रोबेशन ऑफिसर की रिपोर्ट, कोर्ट के फैसले की रिपोर्ट, और जेल अधीक्षक की रिपोर्ट शामिल रहती है.
बिहार में कुल मिलाकर 8 केन्द्रीय कारागृह, 32 जिला कारागृह, 18 उप कारागृह और बक्सर में एक खुली जेल है. और इन कारागृहों की क्षमता 39,542 कैदियों को रखने की है, पर बिहार की जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी रखे गये हैं.

 


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