मिड डे मील के चलते स्कूल बन गये हैं कुकिंग सेंटर: नीतीश

नयी दिल्ली: जो स्कूल कभी विद्या का मंदिर हुआ करते थे अब वे कुकिंग सेंटर बन कर रह गये हैं स्कूल में जहां पढ़ाई होनी चाहिए थी वहां अब खाना बनाने और खिलाने में अधिक समय बर्बाद हो रहा है. नीति आयोग की बैठक में रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेबाकी से अपनी राय रखी. उन्होंने केन्द्र की मिड डे मील और आंगनबाड़ी योजना पर एतराज जताया.

बिहार और अन्य राज्यों के प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील योजना के तहत दोपहर का भोजन दिया जाता है. केन्द्र सरकार का मानना है कि बच्चों को स्कूल में पोषणयुक्त भोजन देने से कुपोषण की समस्या खत्म हो सकती है.

लेकिन भोजन के लिए सामान खरीदने, उसको बनाने और बच्चों को परोसने की जिम्मवारी स्कूल के शिक्षकों पर होती है. खाना स्कूल में ही बनता है नतीजतन जिन शिक्षकों को पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, वे भोजन के इंतजाम में जुटे रहते हैं. ऐसे में  स्कूलों में पढ़ाई का माहौल खराब हो रहा है. शिक्षकों को पढ़ाने के लिए बहुत कम वक्त मिलता है. बच्चे भी दोपहर के भोजन के बाद घर चले जाते हैं.

नीतीश कुमार ने नीति आयोग की बैठक में इन्ही समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया है और बच्चों की शिक्षा और पोषण की जरुरत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की मांग की है. मिड डे मील पर अक्सरहां टिप्पणी की जाती है – “बच्चों के हाथ में स्लेट की जगह प्लेट है.”


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One thought on “मिड डे मील के चलते स्कूल बन गये हैं कुकिंग सेंटर: नीतीश

  • June 18, 2018 at 03:12
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    Ji isko band karana district level pa mid day mile ka aayojan karan achaya

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