नीतीश सरकार ने 13 साल में बिहार के हर गांव तक पहुंचाई बिजली

पटना : नीतीश कुमार के 13 साल के कार्यकाल के दौरान बिहार में बिजली की उपलब्धता में शानदार सुधार हुआ है. आंकड़ों के अनुसार  वर्ष 2005 में ‘पीक आवर’ के दौरान आपूर्ति महज 700 मेगावाट थी जबकि आज यह 4600 मेगावाट है. प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 70 किलोवाट थी, आज यह 258 हो गयी है. वर्ष 2005 में बिहार राज्य के सिर्फ 19251 गांवों में ही बिजली थी, लेकिन आज यह बढ़कर बिहार के सभी गांव 39073 और 1.06 लाख टोलों तक बिजली की आपूर्ति होती है.

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2005 में बिहार के सिर्फ 5000 किलोमीटर में ट्रांसमिशन लाइन थी, जबकि 2016 के आंकड़ों के अनुसार यह आंकड़ा 96960 किलोमीटर का हो गया है. अगर ग्रिड स्टेशनों की बात करें तो उस वक्त सिर्फ 45 ग्रिड स्टेशन थे, जो आज बढ़कर 134 हो चुके हैं और जल्दी ही इन्हें 162 करने का लक्ष्य रखा गया है. वही पावर स्टेशन 487 थे जो बढ़कर 755 हो चुके हैं. हर ब्लॉक में एक पावर स्टेशन.

इस आंकड़े में यह भी बताया गया है कि केंद्र ने बिजली के बिहार मॉडल को अपनाया है.


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