पटना एअरपोर्ट पर टेक ऑफ के समय विमान से टकराया पक्षी, इमरजेंसी लैंडिंग

पटना एयरपोर्ट पर गुरुवार दोपहर एयर इंडिया का विमान एआई 410 पक्षी से टकरा गया. इससे विमान क्षतिग्रस्त हो गया उड़ान भरने के एक मिनट के भीतर हुई घटना से क्रू लॉबी में हड़कंप मच गया. पायलट ने तुरंत एटीसी को इसकी सूचना दी. आनन-फानन में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी.

दोपहर सवा दो बजे हुई घटना के समय विमान में 124 यात्री सवार थे. विमान को सुरक्षित उतारने पर यात्रियों की जान में जान आई. घटना में विमान का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है और विमान को खड़ाकर क्षतिग्रस्त हिस्से की जांच जारी है.

पिछले 11 दिन में पटना एयरपोर्ट पर हुई तीसरी घटना से स्थानीय प्रशासन के इंतजामों पर सवाल खड़े हो गये हैं. इससे पहले 16 जून को पटना एयरपोर्ट पर दो विमानों की लैंडिंग के दौरान पक्षी से टक्कर हो गई थी. सुबह में स्पाइस जेट की बॉम्बे से आने वाली फ्लाइट संख्या एसजी 376  लैंडिंग के दौरान पक्षी से टकरा गई थी, वहीं शाम 5.30 बजे दिल्ली से आने वाली इंडिगो की फ्लाइट की भी एक पक्षी से टक्कर हो गई थी.

गुरुवार को हुई घटना से एक बार फिर एयरपोर्ट पर बर्ड चेजिंग की प्रक्रिया सवालों के घेरे में है. एयरपोर्ट पर  रनवे और हवाई रास्ते से पक्षियों को दूर रखने के लिए निजी कंपनी को ठेका दिया गया है, लेकिन निजी कंपनी की लापरवाही से विमान के रास्ते मे पक्षी आ रहे हैं. पक्षियों को हटाने के लिए पटाखे फोड़ने व अन्य उपायों पर अमल नहीं किया जाता.

कई समस्याएं हैं जिनकी तरफ ध्यान दिया जाना है:

बर्ड चेजर की पर्याप्त संख्या में नहीं हुई तैनाती 

रनवे के पास बड़े पक्षी नहीं आएं इसके लिए पर्याप्त संख्या में बर्ड चेजर की तैनाती की जानी है. ये बर्ड चेजर रनवे के आसपास पक्षियों को भगाने का काम करते हैं. लेकिन, पटना एयरपोर्ट पर यहां लापरवाही दिखी. ठेकेदार की मनमानी से कुछ कर्मियों को इस काम में लगाकर महज खानापूरी की गई है। शनिवार को बर्ड हीट की दो घटनाओं के बाद पटना एयरपोर्ट पर रनचेजरों की संख्या बढ़ाई गई जिसका असर भी दिखा. अन्य दिनों से रनवे के आसपास कम पक्षी दिखे.

खुले में मांस-मछली की बिक्री
डीजीसीए के मानकों के अनुसार किसी भी रनवे के दस किमी के दायरे में खुले में मांस-मछली की बिक्री या उसके अपशिष्टों को फेंकना मना है, लेकिन पटना एयरपोर्ट के एक किलोमीटर के दायरे में मांस-मछली की धड़ल्ले से बिक्री जारी है. फुलवारीशरीफ टमटम पड़ाव, बेली रोड और राजबंशी नगर इलाके में खुले में मंडी लगती है.

गर्दनीबाग में कचरा डंपिंग से परेशानी बढ़ी
एयरपोर्ट प्रशासन ने राजधानी के आसमान में पक्षियों की संख्या बढ़ने पर बेउर के पास कूड़े के अवैध डंपिंग प्वाइंट पर स्थानीय प्रशासन को आपत्ति जताई थी. इसके बाद इस इलाके में कूड़ा डंप होना बंद हुआ लेकिन हाल के दिनों में गर्दनीबाद इलाके में कूड़े का डंपिंग यार्ड बना दिया. इलाके में पक्षियों का बसेरा रहता है और कई बार वे विमानों से टकराते-टकराते बचते हैं.

फुलवारी में रेलवे पटरियों के पास फेंके जा रहे अपशिष्ट
फुलवारीशरीफ रेलवे स्टेशन के आसपास खुले में मृत पशुओं के फेंकने से भी आसमान में चील-कौए मंडराते हैं. एयरपोर्ट परिसर के आसपास होने वाले सामूहिक भोज के अपशिष्ट भी खुले में फेंकने से पक्षियों का रनवे के आसपास मंडराना बढ़ा है.

 


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