पटना में कंपनी बनायेगी कचरे से 300 मेगावाट बिजली

पटना शहर के कचरे से बिजली बनाने का काम अब नयी कंपनी को दिया जायेगा. यह कंपनी इस कचरे से डीजल और एलपीजी भी तैयार करेगी, इस प्रक्रिया में कचरे का निष्पादन तो होगा ही. गुरुवार को दिल्ली की एजी डाउटर वेस्ट प्रोजेसिंग प्राइवेट लिमिटेड ने नगर निगम में मेयर सीता साहू व नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन इससे संबंधित प्रजेंटेशन दिया. प्रजेंटेशन के बाद जानकारी दी गयी कि शहर से रोज निकलने वाले 700 मीट्रिक टन कचरे का निष्पादन होगा. इस प्लांट से किसी तरह का प्रदूषण नहीं होगा.

पूरा प्रोजेक्ट 2400 करोड़ रुपये की लागत है. इसमें नगर निगम या नगर विकास व आवास विभाग का पैसा खर्च नहीं होगा. पूरा प्रोजेक्ट पीपीपी मोड पर लाया जा रहा है. कंपनी प्लांट लगाने में खर्च करेगी और उससे निकलने वाले प्रोडक्ट के उपयोग का हक भी उसी का होगा. मेयर सीता साहू ने बताया कि एक माह के भीतर सारी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली जायेगी. इसके बाद विभाग में फाइल भेज कर कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया जायेगा.

2015 में शहर के कचरा निष्पादन का कार्य मुख्य डंपिंग यार्ड रामाचक में सुनील हाइटेक कंपनी को दिया गया था. कंपनी बीते कई माह से काम नहीं कर रही थी. केवल डंपिंग यार्ड में ही कचरा डंप किया जा रहा था. अब कंपनी का एग्रीमेंट रद्द कर दिया गया है. पुरानी कंपनी को लेटर ऑफ कैंसिलेशन देने के बाद नयी कंपनी को काम दिया जायेगा.

 


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