मानसून हुआ सक्रिय, बढ़ रहा कोसी का जलस्तर, दहशत में लोग, शुरू हुआ विस्थापन

सुपौल : बिहार में मानसून के सक्रिय होते ही कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है और इसके साथ ही लाखों लोगों की चिंताएं भी बढ़ गयीं हैं, कई लोगों पर विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है. हालांकि प्रशासन बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए खुद को पूरी तरह तैयार बता रही है बावजूद इसके लोग दहशत में हैं. .

सरकारी दावों व करोड़ों के खर्च के बावजूद कोसी अब तक आठ बार सीमा लांघ चुकी है और इस समस्या का अबतक कोई स्थायी निदान नहीं किया जा सका है. सुपौल जिले के छह प्रखंडों के 36 पंचायत बाढ़ से कमोबेश प्रभावित हैं. जहां 131 गांवों में बसी करीब 3 लाख की आबादी को बाढ़ की त्रासदी व विस्थापन का दंश हर साल झेलना उनकी मजबूरी बनी हुई है. सुपौल, किसनपुर, सरायगढ़, निर्मली, मरौना एवं बसंतपुर प्रखंड स्थित प्रभावित क्षेत्र में कोसी हर साल भीषण तबाही मचाती है. जिसमें लोगों के खेत व फसल डूब जाते हैं. बना-बनाया आशियाना उजड़ जाता है. वहीं कितने मनुष्य व पशुओं को जान भी गंवानी पड़ती है.

कोसी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही यहां से लोगों का विस्थापन शुरू हो गया है. पंचायतों से लोग सुरक्षित क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं. मानसून के सक्रिय होते ही इन इलाकों में भारी बारिश हो रही है. लोग दहशत में हैं वहीं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता प्रकाश दास ने मीडिया को बताया कि बाढ़ को लेकर प्रशासन व अभियंताओं ने तैयारी कर ली है.


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