हेल्थ सेक्टर में सरकारी व निजी अस्पतालों में सहभागिता जरूरी: सुशील मोदी

सरकारी व निजी अस्पताल की सहभागिता से ही बिहार स्वस्थ होगा. स्वास्थ्य बीमा से मध्य वर्ग के लोग भी निजी अस्पताल में अपना उपचार करा सकते हैं.

केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना भी तभी सार्थक होगी, जब सरकारी व निजी अस्पताल एकजुट होकर कार्य करेंगे. यह बात रविवार को अगमकुआं  में बिग हॉस्पिटल के उद्घाटन व सम्मान समारोह में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहीं. उपमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की अध्यक्षा जयश्री बेन मेहता से कहा कि बिहार में नये मेडिकल कॉलेज खुलें, इसके लिए लचीलापन दिखाइये, तभी बिहार में डॉक्टरों की कमी भी दूर होगी.

सभा को संबोधित करते हुए पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा कि कहा कि जहां भी अस्पताल होगा सरकार वहां सड़क बनायेगी. मंत्री ने उत्तर व दक्षिण बिहार को जोड़ते हुए 16 पुल- पुलिया निर्माण की घोषणा की.

मौके पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि  चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए विशेष तकनीकी आयोग का गठन हुआ है. सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि मेडिकल कॉलेजों में कैंपस सेलेक्शन के माध्यम चिकित्सकों की नियुक्ति हो. उन्होंने कहा कि दो माह में मुजफ्फरपुर में 200 करोड़ की लागत से कैंसर अस्पताल का निर्माण कार्य आरंभ होगा.

 


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