बिहार सरकार कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए हर संभव कदम उठाएगी: जय कुमार सिंह

डिप्लोमा कोर्स के लिए 40 से 50 कलाकारों का एक एक बैच बनेगा.

उषा किरण खान ने कहा कि कोशी क्षेत्र की कला जो मक्का की डंठल और मिट्टी से बनायी जाती है, , इसे भी आगे लाया जाना चाहिए.

कलाकारों की आर्थिक समृद्धि के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. बिहार की कला समृद्ध है. यहां के कलाकारों की कृतियों को देश-विदेश में ख्याति मिलती है. मंगलवार को विभागीय सभागार में उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के उप निदेशक अशेक कुमार सिन्हा की पुस्तक बिहार के कालजयी शिल्पकार का लोकार्पण के अवसर पर उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह बोल रहे थे.

उन्होंने कहा कि विभिन्न कला के लिए कलाकारों को पाठ्यक्रम के आधार पर डिप्लोमा की डिग्री दिलायी जाएगी. आर्यभट्‌ट ज्ञान विवि के माध्यम से विभिन्न कलाओं की डिप्लोमा स्तर की सर्टिफिकेट दिलाना है,  ताकि कलाकारों को आगे बढ़ने में और मदद मिल सके. डिप्लोमा कोर्स के लिए 40 से 50 कलाकारों का एक एक बैच बनेगा.

उन्होंने कहा कि कला का अतीत संरक्षण नहीं हो पा रहा था, लेकिन अब सरकार सजग है. नये दौर में बिहार भी कदमताल कर रहा है. मधुबनी, मिथिला, मंजूषा कला जीवंत है. अन्य कला के कलाकार इनकी बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं.

उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने कहा कि कलाकारों की कृतियों का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए विभाग ने व्यवस्था की है. ई मार्केटिंग के जरिए कलाकारों की कृतियों को सरकार लेगी और स्टोर कर डिमांड के हिसाब से बेची जाएगी. कलाकार को विभाग बिक्री के पहले ही राशि दे देगी.

उषा किरण खान ने कहा कि कोशी क्षेत्र की कला जो मक्का की डंठल और मिट्टी से बनायी जाती है, , इसे भी आगे लाया जाना चाहिए.

 


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