बिहार में बढ़िया धान उत्पादन की उम्मीद

इस साल भी राज्य में बेहतर धान उत्पादन की उम्मीद है. धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 200 रुपए की बढ़ोतरी से किसानों में भी उत्साह है. अब तक राज्य में बिचड़ा बुआई लक्ष्य 75 प्रतिशत पूरा हो गया है. उत्तर बिहार के 18 जिलों में धान की रोपनी भी शुरू हो गई है 4 जुलाई तक लगभग 5 प्रतिशत रोपनी भी हो चुकी है. हालांकि पिछले साल 23 जिलों में रोपनी शुरू हो चुकी थी. अब तक राज्य में सामान्य बारिश 211 की जगह 172 मिलीमीटर हुई है.

सरकार ने बारिश नहीं होने की स्थिति में बिचड़ा और रोपनी वाले खेत में सिंचाई के लिए डीजल सब्सिडी का प्रावधान किया है. डीजल मूल्य में बढ़ोतरी के अनुरूप राज्य सरकार ने डीजल पर प्रतिलीटर 40 रुपए किसानों को अनुदान का प्रावधान किया है. 4 जुलाई तक शत प्रतिशत बिचड़ा कही बुआई रोहतास, पूर्णिया, कटिहार और शिवहर में हुई है. 80 प्रतिशत से अधिक बिचड़ा की बुआई 11 जिलों में हो चुकी है.

राज्य में इस वर्ष 34लाख हेक्टेयर में धान रोपनी है. हरी खाद के लिए किसानों को ढैंचा के बीज अनुदानित दर पर दिए गए थे. प्रति एकड़ किसान को धान की सीधी बुआई पर 3000 रुपए देने का प्रावधान किया गया है.

डीजल सब्सिडी भी

राज्य सरकार ने डीजल अनुदान के लिए 90 करोड़ की राशि जिलों में भेज दी है. कृषि विभाग ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहां अपेक्षा से कम बारिश हो, वहां किसानों को डीजल मशीन से सिंचाई के लिए प्रेरित करें. किसानों को बिचड़ा लगाने से रोपनी और फसल तैयार होने तक 5 सिंचाई के लिए डीजल सब्सिडी की व्यवस्था है. प्रति एकड़ 40 रुपए प्रति लीटर की दर से 10 लीटर के लिए 400 रुपए डीजल सब्सिडी एक सिंचाई के लिए देने का प्रावधान है. यानी पांच सिंचाई पर 2000 रुपए दिए जाएंगे.


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