छात्रों के लिए आसान वीजा नियम वाले देशों की सूची से ब्रिटेन ने भारत को अलग किया

एक सर्वे के मुताबिक, चीन और अमेरिका के बाद भारत के सबसे ज्यादा छात्र पढ़ाई के लिए ब्रिटेन पहुंचते हैं

ब्रिटेन की सरकार ने देश के विश्वविद्यालयों में वीजा आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए तैयार की गई नई सूची से भारतीय छात्रों को अलग कर दिया है. इसमें पहली बार चीन, बहरीन और सर्बिया जैसे देशों शामिल किया गया है. इन देशों के छात्रों को दाखिला लेने के लिए शिक्षा, वित्त और अंग्रेजी के मानकों में ढिलाई दी गई है. ये बदलाव 6 जुलाई से लागू होंगे.

सूची में भारत को शामिल नहीं किए जाने की वजह से भारतीय छात्रों को अब दस्तावेजों की कड़ी जांच से गुजरना होगा. साथ ही उनके लिए अंग्रेजी और शिक्षा के मानक भी सख्त होंगे.

यूके काउंसिल फॉर इंटरनेशनल स्टूडेंट अफेयर्स के अध्यक्ष और भारतीय मूल के व्यवसायी लॉर्ड करण बिलिमोरिया ने ब्रिटिश सरकार के इस फैसले को भारत का अपमान बताया है.

आवेदन करने वाले 90% भारतीयों को मिलता है वीजा

नई लिस्ट में भारत को शामिल ना किए जाने के सवाल पर ब्रिटेन के गृह विभाग के प्रवक्ता के कहा, “जो भारतीय छात्र ब्रिटेन आ कर पढ़ाई करना चाहते हैं हम उनका स्वागत करते हैं. हम अमेरिका और चीन के बाद भारतीय छात्रों के लिए ज्यादा वीजा जारी करते हैं. 90% छात्रों को वीजा दे दिया जाता है। पिछले साल भारतीय छात्रों के वीजा आवेदन में 30% की बढ़ोतरी हुई है.


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