बिहार के पर्यटन स्थल 2019 तक होंगे विकसित

आने वाले दिनों में बिहार भी पर्यटन स्थलों के मामले में देश के उन बड़े राज्यों में शामिल होगा जिनकी पर्यटन के क्षेत्र में देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान है.

सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुद्धिष्ट सर्किट, जैन सर्किट, रामायण सर्किट, सूफी सर्किट, गांधी सर्किट, इको सर्किट, सिख सर्किट, शिव शक्ति सर्किट एवं कांवरिया सर्किट बना रही है. प्रदेश के हर पर्यटन स्थल पर ठहरने की बेहतर व्यवस्था की जाएगी. गाड़ियों के लिए पार्किंग बनेगी. एप्रोच सड़क का निर्माण होगा. जहां सड़कों की स्थिति जर्जर है वहां दुरुस्त किया जाएगा. इसके अलावा अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी.

चारों सर्किट का काम 2019 तक पूरा करने करा लक्ष्य

जैन सर्किट को 53 करोड़ की लागत से दिसंबर 2018 तक विकसित कर दिया जाएगा. गांधी सर्किट को 42 करोड़ की लागत से 2019 तक विकसित किया जाएगा. कांवरिया सर्किट को करीब 52 करोड़ की लागत से दिसंबर 2018 तक विकसित करना है. वहीं सिख सर्किट को विकसित करने के लिए काम जारी है. इन चार सर्किट का काम 2019 तक पूरा करना है.

करीब 50 करोड़ की लागत से विकसित होगा रामायण सर्किट

रामायण सर्किट में सीता जी की जन्मस्थली मिथिलांचल का सीतामढ़ी जिला और विवाहस्थल जनकपुर शामिल है. भगवान राम के साथ अयोध्या जाने के क्रम में उनके ठहरने वाले स्थलों में अहिल्या स्थान, रामरेखा घाट, ताड़का वधस्थल, गिद्धराज जटायु ने जहां सीता जी के लिए युद्ध किया था, पिंडदान के वक्त राम-सीता जहां ठहरे उन स्थलों को 50 करोड़ से विकसित किया जाएगा.

पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए सरकार ने बनाई सर्किट योजना

गांधी सर्किट को भी विकसित किया जा रहा है। इसमें प.चंपारण में भितिहरवा, चंद्रहिया और टुरपुलिया को विकसित किया जा रहा है. गांधी सर्किट को विकसित करने के लिए करीब 45 करोड़ खर्च होंगे.

कांवरिया सर्किट पर कार्य चल रहा है। यह योजना सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले रास्ते में पर्यटक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए है। यह योजना करीब 53 करोड़ का है.

जैन सर्किट के विकास के लिए करीब 53 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है. इसके तहत वैशाली, आरा, मसाढ़, राजगीर, पावापुरी, चंपापुरी में काम हो रहा है. दिसंबर 2018 तक योजना का काम पूरा करने का लक्ष्य है.

बुद्ध सर्किट में बोधगया में कल्चरल सेंटर का निर्माण हो रहा है. इसके अलावा जहां-जहां भगवान बुद्ध की मूर्ति है, उस स्थल के आस-पास पर्यटकों के लिए सुविधा बढ़ाई जाएगी. पूरी योजना करीब 99 करोड़ की है.

सूफी सर्किट के तहत प्रदेश के प्रमुख दरगाह को विकसित करना है. बिहार सरकार ने इसे सूफी सर्किट से जोड़ा है. पयर्टन के लिहाज से समृद्ध इस स्थान को विकसित करने के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही है.

इको सर्किट के तहत राजगीर सफाई, बाल्मीकि टाइगर रिजर्व एवं अन्य फॉरेस्ट संबंधित पर्यटन स्थलों का विकास करना है. इसके तहत पर्यटन स्थल के आस-पास पार्क विकसित करना है। इसके अलावा अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी.

 


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