IRCTC मामले में लालू के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में वेंकटेश शर्मा ने जनहित याचिका दाखिल की

आईआरसीटीसी घोटाले का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. लालू प्रसाद और उनके परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले वेंकटेश प्रसाद शर्मा ने एक जनहित याचिका दायर कर सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग पर जांच में आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है.

अधिवक्ता गोपाल सिंह और मनीश कुमार के जरिये याचिका में शर्मा ने कहा कि सीबीआई ने आईआरसीटीसी के तत्कालीन निदेशक राकेश सक्सेना के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की, लेकिन बाद में चार्जशीट में उनका नाम शामिल किया गया. इस वजह से जांच कमजोर हो गई. एफआईआर दर्ज नहीं होने से सक्सेना हर जांच और पूछताछ से बचते रहे. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में बनी एसआईटी से जांच करवाई जाए. याचिका में मांग की गई है जांच एजेंसियों तथा सीवीसी के लिए काम करने के दिशानिर्देश बनाए जाएं, ताकि शक्तिशाली और धनवान लोगों के खिलाफ जांच में अपनी मनमर्जी न कर सकें.

क्या है मामला
आइआरसीटीसी के दो होटलों की नीलामी में बड़े पैमाने पर हुए घोटाले को लेकर सीबीआई ने 7 जुलाई को लालू समेत 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. इस सिलसिले में उनके 12 ठिकानों पर छापे मारे गए थे.

सीबीआई केअतिरिक्त निदेशक राकेश अस्थाना ने बताया था, लालू यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे के पुरी और रांची स्थित बीएनआर होटल को आईआरटीसीटीसी को दे दिया गया था. इन्हें रखरखाव और सुधार करने के लिए लीज पर देने की योजना थी. इसके लिए विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स को ठेके दिए गए. इस प्रक्रिया में हेर-फेर किया गया था. यह प्रक्रिया आईआरसीटीसी के उस वक्त के महानिदेशक पीके गोयल ने पूरी की.

ठेके के एवज में लाभ लेने का आरोप 
फरवरी 2005 को कोचर ने पटना के बेली रोड स्थित 3 एकड़ जमीन सरला गुप्ता की कंपनी मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी लिमिटेड (डीएमसीएल) को 1.47 करोड़ रुपये में बेच दी, जबकि उसका बाजार मूल्य 1.93 करोड़ रुपये था. इसे कृषि भूमि बताकर सर्कल रेट से काफी कम पर बेचा गया.
बाद में 2010 से 2014 के बीच यह बेनामी संपत्ति लालू के परिवार की कंपनी लारा प्रोजेक्ट को सिर्फ 65 लाख में दी गई. जबकि सर्कल रेट के तहत इसकी कीमत करीब 32 करोड़ थी और बाजार मूल्य 94 करोड़ रुपये थी.
एफआईआर में आरोप था, कोचर ने जिस दिन डीएमसीएल के पक्ष में यह सौदा किया, उसी दिन रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी को उसे बीएनआर होटल्स सौंपे जाने के अपने फैसले के बारे में बताया.

 


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