बिहार इसी साल कालाजार और फाइलेरिया से मुक्त हो जाएगा: केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री

जेपी नड्‌डा ने बिहार के हेल्थ इंडिकेटर में हुए सुधार की प्रशंसा की और कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में इस क्षेत्र में जबर्दस्त काम हुआ है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि बिहार इसी साल कालाजार और फाइलेरिया से मुक्त हो जाएगा. इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही है. 458 प्रखंड कालाजार से पीड़ित थे, जिनमें 411 प्रखंडों को कालाजार से मुक्त कर दिया गया है.मात्र 47 प्रखंड बचे हैं, जिन्हें दिसंबर 2018 तक कालाजार से मुक्त कर दिया जाएगा. इसके लिए संबंधित जिलाधिकारियों को प्रखंड स्तर पर कालाजार अभियान की मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है. कालाजार प्रभावित क्षेत्रों में पक्के मकान बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पहल कर रही है. वहीं फाइलेरिया से मुक्ति के लिए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) सघन तरीके से चलाने का निर्देश दिया गया है. जिन क्षेत्रों में इस बीमारी के मरीज वहां 7-10 दिनों तक सघनता से दवा बांटने के लिए कहा गया है.

पहले चरण में 534 सरकारी अस्पतालों को हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के रूप में बदला जाएगा:उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत चयनित लाभांवित स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए पहले चरण में मार्च, 2019 तक 534 सरकारी अस्पतालों को हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के रूप में बदला जाएगा. इसमें 334 एपीएचसी,176 सब सेंटर और 24 शहरी पीएचसी का चयन किया गया है. 15 अगस्त तक 43 अस्पताल इस लायक हो जाएंगे.

हेल्थ इंडिकेटर में सुधार:जेपी नड्‌डा ने बिहार के हेल्थ इंडिकेटर में हुए सुधार की प्रशंसा की और कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में इस क्षेत्र में जबर्दस्त काम हुआ है. मातृत्व मृत्यु दर 312 से कम होकर 165 हो गया है. वहीं शिशु मृत्यु दर 42 फीसदी से कम होकर 38 फीसदी हो गया है. नियमित टीकाकरण 15 से 85% हो गया है.

पांच मेडिकल कॉलेज खोलने की बाधाएं दूर : नड्‌डा ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत बिहार में 5 जगहों जमुई, बक्सर, झंझारपुर, सीतामढ़ी और सीवान में मेडिकल कॉलेज खोलने की बाधाएं दूर कर ली गई हैं. तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा.

टीबी के लिए भी पोलियो जैसा चले अभियान:मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पहले सरकारी अस्पतालों की बेड पर मरीजों की बजाय कुत्ते रहते थे. हमने व्यवस्था सुधारी.  सरकारी अस्पतालों में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाओं के कभी बंद न होने का इंतजाम किया जाए. कालाजार प्रभावित इलाकों में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना से पक्का घर बने. टीबी को खत्म करने के लिए पल्स पोलियो की तरह अभियान चले. हो रहे काम की नियमित मॉनिटरिंग हो.

स्वास्थ्य व शिक्षा पर ध्यान दिया गया :उन्होंने कहा- हमने स्वास्थ्य व शिक्षा पर खासा ध्यान दिया. महिला सशक्तीकरण, मातृ मृत्यु दर, फर्टिलिटी रेट एवं भ्रूण हत्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना शुरू हुई. पहले जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक महीने में 39 मरीज पहुंचते थे, आज व्यवस्था दुरुस्त होने से मरीजों की संख्या 11 हजार हो गई. 24 घंटे सातों दिन मेडिकल स्टाफ व डॉक्टरों की तैनाती और मुफ्त दवा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. पटना एम्स का विस्तार हो. आईजीआईएमएस सुधरा, तो बिहार से बाहर जाने वाले मरीजों की संख्या कम हुई.

 


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