happybirthdaysunilgavaskar : जब अंपायर के फैसले से नाराज गावस्कर ने किया था ग्राउंड से वाकआउट

चाहे ‘लिटिल मास्टर’ कहें या ‘सन्नी’ या फिर सुनील मनोहर गावस्कर हमारे जेहन में एक ही शख्स का चेहरा उभरता है, जी हां उससे हम आप या फिर क्रिकेट में थोड़ी सी भी रुचि रखने वाला व्यक्ति परिचित है. सुनील गावस्कर आज 69 साल के हो गये हैं. सुनील गावस्कर क्रिकेट जगत के पहले ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने अपने क्रिकेट कैरियर में दस हजार रन बनाये थे. सुनील गावस्कर के नाम अनगिनत ऐसे रिकॉर्ड रहे जिनकी बराबरी करने का सपना क्रिकेट के नौनिहाल यहां तक की क्रिकेट के भगवान सचित तेंदुलकर ने भी देखा था. बात चाहे सबसे पहले सर डॉन ब्रेडमैन के 29 शतकों की बराबरी हो या फिर अपने नाम क्रिकेट कैरियर में 34 टेस्ट शतक बनाने का रिकॉर्ड हो गावस्कर हर रूप में बेमिसाल रहे. जानकरों का कहना है कि वे विश्व क्रिकेट के उन चुनिंदा क्रिकेटर्स में शुमार हैं जिनकी बैंटिंग स्टाइल निर्विवाद रूप से प्रशंसनीय थी.उनकी बैटिंग तकनीक बेमिसाल थी.

जब ग्राउंड से वाकआउट कर गये थे गावस्कर
बात 1981 की है मेलबॉर्न में भारत और आस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट मैच खेला जा रहा था. डेनिस लिली की इन-कटर पर अंपायर रेक्स व्हाइटहेड ने सुनील गावस्कर को आउट दे दिया, वे अपने तीसरे मैच में अंपायरिंग कर रहे थे. लेकिन गावस्कर की यह सोच थी कि बॉल उनके पैड से टकराकर बैट तक आयी थी, इसलिए वे आउट देने के बाद भी ग्राउंड पर खड़े रहे. उन्होंने अपने बल्ले से अपने पैड पर भी मारा और अपने गुस्से का इजहार किया. ग्राउंड से वापस जाते वक्त जब डेनिस लिली ने उनपर आपत्तिजनक टिप्पणी की तो नाराज गावस्कर ने अपने साथी खिलाड़ी चेतन चौहान को भी ग्राउंड से वापस चलने को कह दिया था और उन्हें लेकर ग्राउंड से आ गये थे. लेकिन बाउंड्री पर टीम मैनेजर ने उन्हें रोका और अपनी इनिंग पूरी करने को कहा था जिसके बाद चौहान ग्राउंड पर गये और गावस्कर पवेलियन में. हालांकि अपनी हरकत को वर्षों बाद एक शो में गावस्कर ने गलत बताया था और कहा था कि यह उनके कैरियर की एक बड़ी गलती थी.

जब 60 ओवर में मात्र 36 रन बनाये
गावस्कर एक आक्रामक बल्लेबाज नहीं थे, वे अपनी बैटिंग तकनीक के कारण विश्व भर में जाने गये, लेकिन फटाफट क्रिकेट में उनका एक रिकॉर्ड है जिसके लिए हमेशा उनकी आलोचना होती है और वह है 1975 के विश्वकप में 60 ओवर खेलकर मात्र 36 रन बनाना. इस मैच में सुनील गावस्कर पूरे इनिंग खेले लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाये थे, यह मैच इंग्लैंड के विरुद्ध खेला गया था.

बिना हेलमेट पहने खेलते थे गावस्कर
सुनील गावस्कर जब 1974-75 में वेस्टइंडीज के दौरे पर गये और बिना हेलमेट के वेस्टइंडीज के फास्ट बॉलर्स को खेलने आये, तो सब चौंक गये, क्योंकि गावस्कर दुबले-पतले से छोटे कद के खिलाड़ी थे और वेस्टइंडीज के मैलकम मार्शल जैसे बॉलर्स बहुत तेज गेंद फेंकते थे, लेकिन लोगों को आश्चर्य तब हुआ जब इस लिटिल मास्टर ने शतक जड़ दिया और बहुत ही निडरता के साथ बॉउंसर को भी झेल गये.


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