मोदी और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने नोएडा में सैमसंग के सबसे बड़े प्लांट का उद्‌घाटन किया

करीब 5 हजार करोड़ रुपए में तैयार हुआ सैमसंग का ये प्लांट 35 एकड़ में फैला है.

नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून-जे-इन ने सोमवार को नोएडा में सैमसंग के नए मोबाइल प्लांट का उद्घाटन किया. कंपनी का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल प्लांट है. इसमें सालाना 12 करोड़ मोबाइल फोन बनाए जाएंगे. फिलहाल कंपनी भारत में 6.7 करोड़ स्मार्टफोन बनाती है. प्लांट के उद्घाटन पर नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस प्लांट के शुरू होने से दुनिया में भारत की छवि बेहतर होगी. इससे पहले दोनों नेता मेट्रो का सफर करके दिल्ली से नोएडा पहुंचे.

मून रविवार को दिल्ली पहुंचे. यह उनका पहला भारत दौरा है. उनके साथ पत्नी किम जुंग-सुक, कैबिनेट के वरिष्ठ सदस्य, अधिकारी और 100 उद्योगपति भी आए हैं. 10 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत होगा. फिर वे हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. इस दौरान रक्षा क्षेत्र और साइबर सिक्योरिटी में करार होने की उम्मीद है. इसके अलावा दोनों नेता कारोबार, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे. दोनों के बीच अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर पर भी बात हो सकती है.

1990 में कंपनी ने देश में पहली यूनिट शुरू की थी: फिलहाल सैमसंग कंपनी के देश में दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट नोएडा और श्रीपेरुंबदूर में हैं. नोएडा का प्लांट सेक्टर 81 में है. यह 35 एकड़ में फैला है. करीब 5 हजार करोड़ रुपए में तैयार हुआ है. इनके अलावा सैमसंग के देश में पांच रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर हैं. डेढ़ लाख रिटेल आउटलेट हैं. कंपनी का 2016-17 में मोबाइल बिजनेस रेवेन्यू 34 हजार 400 करोड़ रुपए और कुल बिक्री 50 हजार करोड़ रुपए रही. सैमसंग के जरिए 70 हजार लोगों को रोजगार मिला हुआ है.

मून थ्री पीएजेंडे को आगे बढ़ाना चाहते हैं:मून की यात्रा से रणनीतिक साझेदारी का दूसरा दौर शुरू हुआ है. शुरुआत मोदी की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति से 2015 में हुई थी. भारत दोनों कोरियाई देशों को महत्व देता है. इसी कारण मून नई दक्षिण नीति के तहत ‘थ्री पी’ एजेंडे पर आगे बढ़ना चाहते हैं. थ्री पी में पीपुल्स यानी लोगों की अावाजाही से संबंध बढ़ाना, प्रॉसपेरिटी(समृद्धि) यानी साझेदारी निर्माण और पीस यानी शांति से है. भारत में दक्षिण कोरिया की सैमसंग, एलजी, हुंडई समेत 500 से ज्यादा कंपनियां हैं. वह भारत की महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया के साथ ही करीब 70 हजार करोड़ रुपए जुटाने में मदद कर रहा है. ऐसे में भारत चाहेगा कि कोरिया इन परियोजनाओं में भूमिका और बढ़ाए.

द. कोरिया से 1.36 लाख करोड़ रुपए का कारोबार:दक्षिण कोरिया, भारत का बड़ा ट्रेड पार्टनर है. पिछले साल उसने 1.36 लाख करोड़ रुपए का कारोबार किया. 10 साल में उसने भारत में 47 हजार करोड़ रुपए का निवेश भी किया है. वह भारत के साथ आने वाले सालों में कारोबार को 2.5 लाख करोड़ तक पहुंचाना चाहता है. दक्षिण कोरिया के पास उन्नत टेक्नोलॉजी और पर्याप्त पूंजी है तो भारत के पास बड़ा बाजार और कच्चा माल है लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी है.

फोगट परिवार को मून दंपती ने चाय पर बुलाया: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून-जे-इन ने हरियाणा के नामी पहलवान फोगाट परिवार को चाय पर बुलाया है. मून और उनकी पत्नी फोगाट बहनों पर बनी फिल्म दंगल से प्रभावित हैं. इसलिए उन्होंने फोगाट परिवार से मिलने की इच्छा जताई.


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.