बिहार में 1 अगस्त से वन महोत्सव मनाया जाएगा. इस दौरान 1 करोड़ पौधे लगाये जायेंगे

निजी तौर पर पौधारोपण करने वालों को छोटे ट्यूब वाले पौधों के लिए 05 और बड़े ट्यूब वाले पौधों के लिए 10 रुपये देना होगा.

बिहार में 1 अगस्त से  वन महोत्सव (01 से 10 अगस्त,2018) मनाया जाएगा.  हरित आवरण क्षेत्र बढ़ाने के लिए पूरे बिहार में सघन अभियान चला कर इस साल एक करोड़ पौधारोपण करने का लक्ष्य है. वन महोत्सव के दौरान स्कूल, अस्पताल व अन्य संस्थाओं के परिसर, सड़क, नहर व बांधों के किनारे पौधारोपण के लिए वन विभाग इच्छुक संस्थाओं को निःशुल्क पौधा उपलब्ध करायेगा. ज्ञात हो कि मैदानी इलाका होने के कारण बिहार में वन क्षेत्र नहीं है. ऐसे में सरकार का हरियाली क्षेत्र बढाने का प्रयास सराहनीय है. और जन सहभागिता इसे सफलता दिला सकती है, जिसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम हो सकते हैं.

इस साल वर्षाकाल में वन प्रमंडलों द्वारा 49 लाख और वानिकी कार्यक्रम के तहत किसानों द्वारा 58 लाख पौधे लगाये जायेंगे. ‘हर परिसर, हरा परिसर’ कार्यक्रम के अंतर्गत 258 संस्थानों में 80 हजार, नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 3 लाख 63 हजार पौधे, गंगा वृक्षारोपण और 216 स्थलों जिनमें विद्यालय व अन्य संस्थानों के परिसर शामिल हैं, जिसमें 1-1 लाख पौधे लगाये जायेंगे. एनएच के 120 किमी पथ पर 1.12 लाख पौधे लगाने की योजना है.

वन महोत्सव के दौरान पटना जिला में 2 लाख और पटना शहर में 1 लाख पौधारोपण किया जायेगा. इनमें 27 हजार पौधे गेबियन में लगाये जायेंगे. 8 किमी लम्बे दीघा-एम्स पथ पर वन महोत्सव के दौरान एक दिन में 2 हजार बड़े पौधे लगाये जायेंगे. महोत्सव के दौरान वन विभाग की 10 टीम पौधे और मजदूरों के साथ तैनात रहेंगी, संस्थानों की सूचना पर वहां जाकर पौधारोपण करेगी.

ये उम्मीद की जा रही है कि आम लोग, जनप्रतिनिधि, स्वयं सेवी संस्थाएं व पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोग इस अभियान से जुड़ कर कार्यक्रम आयोजित कर पौधारोपण करें व इसे जनआंदोलन का स्वरूप दें. निजी तौर पर पौधारोपण करने वालों को छोटे ट्यूब वाले पौधों के लिए 05 और बड़े ट्यूब वाले पौधों के लिए 10 रुपये देना होगा.


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