नवंबर महीने से पटना में सीएनजी मिलने लगेगी

नवंबर महीने से पटना में भी सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) मिलने लगेगी. इसकी तैयारी अंतिम चरण में है. फिलहाल पहले चरण में राजधानी के पांच पेट्रोल पंपों पर यह सुविधा शुरू होगी. इसके लिए तीनों सार्वजनिक तेल कंपनियां- इंडियन आॅयल कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम व भारत पेट्रोलियम का गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) के बीच सीएनजी स्टेशन शुरू करने को लेकर समझौता हो चुका है.  इंडियन आॅयल के पेट्रोल पंप ऑटो केयर (रुकुनपुरा), ऋतविक पंप (बेली रोड, सगुना मोड़ के पास), सिटी फ्यूल (दीदारगंज), भारत पेट्रोलियम के  सिवांग पेट्रोल पंप (बाईपास) तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सोनाली पंप (जीरो माइल)   में  सीएनजी स्टेशन खुलना है. इसके लिए तैयारी शुरू हो चुकी है.
तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि सीएनजी पेट्रोल की अपेक्षा काफी सस्ता होने के साथ ही इको फ्रेंडली भी है क्योंकि इसके प्रयोग से प्रदूषण काफी कम होता है.  जगदीशपुर-हल्दिया मुख्य पाइपलाइन से लिंक लाइन गया से नालंदा होते पटना आ रही है. पटना के नौबतपुर में लगभग 22 किलोमीटर में पाइपलाइन कनेक्शन का काम जमीन को लेकर रुका हुआ है. लेकिन उम्मीद है कि यह मामला जल्द सुलझ जायेगा.
 
शुरू होगी सुविधा  
प्रबंधक मो गयूर आलम जहीरी ने बताया कि प्रथम चरण के तहत इस साल पटना के पांच पेट्रोल पंप पर सीएनजी मिलेगा. इसके बाद अगले साल से 10 से अधिक पेट्राेल पंपों पर यह सुविधा शुरू करने की योजना है. अगर इससे अधिक प्रस्ताव कंपनी के पास आये, तो उन्हें भी लाइसेंस दिया जायेगा. वहीं आईओसीएल के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल कंपनी के दो पेट्राेल पंपों पर सीएनजी स्टेशन खोलने की तैयारी चल रही है. लेकिन आवेदन एक दर्जन से अधिक मिले हैं.
सीएनजी पर एक नजर 
सीएनजी  प्राकृतिक गैस की तरह रंगीन, गंधहीन होती है. यह हवा से मामूली-सी हल्की होती है. इसका प्रयोग वाहनों के ईंधन के रूप में भारत सहित कई देशों में किया जाता है.
इसका प्रयोग डीजल तथा पेट्रोल दोनों प्रकार के इंजनों में किया जाता है. सीएनजी से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन काफी कम हो जाता है. इस कारण पर्यावरण को बचाने के लिए सरकार इसके प्रयोग के लिए प्रोत्साहित कर रही है.
पटना के उपभोक्ता भी लाभान्वित होंगे पीएनजी पर सब्सिडी मिलने से
पटना : खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाली पाइप लाइन गैसों पर सब्सिडी दिये जाने के नीति आयोग के प्रस्ताव से पटना के उपभोक्ता भी खुश हैं. क्योंकि इन दिनों राजधानी में पीएनजी के लिए पाइप बिछाने का काम चल रहा है, बहुत जल्द यह काम पूरा हो जायेगा.
माना जा रहा है कि इस साल के आखिर तक शहर के लोगों को यह सुविधा मिलने लगेगी. अब तक सिर्फ एलपीजी पर ही सरकार सब्सिडी देती थी, अब दूसरी गैसों पर भी सब्सिडी देने पर विचार किया जा रहा है. हालांकि इसे लेकर परस्पर विरोधी विचार भी सामने आ रहे हैं.
बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव अमित मुखर्जी  का कहना है कि नीति आयोग के प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान में सिर्फ एलपीजी पर सब्सिडी मिलती है. पीएनजी पर अभी कोई छूट नहीं है.
इसे अधिकाधिक लोग व्यवहार में लाएं इसलिए सब्सिडी देने के प्रस्ताव पर बात चल रही है. अभी इसका फायदा केवल शहरवासियों को ही होगा. अर्थशास्त्री डीएम दिवाकर कहते हैं कि एक तरफ सरकार लोगों से अपील करती है कि स्वेच्छा से गैस सब्सिडी को छोड़ दें, वहीं गैस पाइप लाइन से सभी उपभोक्ताओं को सब्सिडी देने की बात कही जा रही है.
ऐसे में सब्सिडी छोड़ने की अपील और बड़े शहरों में सब्सिडी देने की कवायद परस्पर विरोधी है. बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष केपीएस केसरी ने कहा कि उनकी पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड से बात हुई है और बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि पाइप नेचुरल गैस पूरे देश में एक दर पर उपलब्ध होगी चाहे वह घरेलू गैस हो या आयातित.

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