झारखंड के 18 जिलों में औसत से कम बारिश

झारखण्ड के पडोसी राज्य बिहार में सूखे की स्थिति बनती जा रही है, पर झारखण्ड भी आसन्न सूखे की चिंता से ग्रस्त है. झारखंड के 18 जिलों में औसत से कम बारिश हुई है. सिर्फ छह जिलों में ही सामान्य बारिश रिकार्ड की गई है. इसे देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों की हर संभव मदद करने का फैसला किया है.  झारखंड के किसानों के फसल बीमा के प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार करेगी. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों की फसल का बीमा कराया जा रहा है. इसके साथ ही सरकार अनुदान पर किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए दलहन और तिलहन का बीज देगी.

कृषि विभाग इकट्ठा करेगी आंकड़ें
राज्य में हो रही बारिश और रोपा का प्रतिदिन का आंकड़ा कृषि विभाग इकट्ठा करेगी. एक अगस्त को राज्य में बरसात और रोपा के हालात पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक होगी. उक्त निर्देश मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने राज्य के आला अधिकारियों को दिये. वे आज झारखंड मंत्रालय में राज्य में कम बारिश और कृषि की स्थिति पर समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि बारिश की स्थिति को लेकर सरकार चिंतित है. स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है. राज्य सरकार किसानों के साथ है. राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं.प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के हिस्से की प्रीमियम की राशि राज्य सरकार वहन करेगी, ताकि सुखाड़ की स्थिति में ज्यादा से ज्यादा किसान इससे लाभांवित हो सके. उन्हें फसल नष्ट होने पर नुकसान नही सहना पड़े.

राज्य के छह जिलों में हुई सामान्य बारिश
बैठक में बताया गया कि अभी राज्य के छह जिलों में सामान्य बारिश हुई है. बाकी जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है. 31 जुलाई तक स्थिति पर नजर रखी जायेगी. स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो एक अगस्त को बैठक कर आगे का निर्णय लिया जायेगा. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि वैकल्पिक खेती के लिए दलहन और तिलहन के बीज का पर्याप्त स्टॉक रखें. जरूरत पड़ी, तो अनुदान पर ये बीज किसानों को उपलब्ध कराये जायेंगे.


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.