JNU पूर्वोत्तर भारत के अध्ययन के लिए खोलेगा विशेष केंद्र

आम तौर पर शिकायत ये है कि भारतीय अपने देश के पूर्वोत्तर हिस्से के बारे में नहीं के बराबर या बहुत कम जानकारी रखते हैं. और पूर्वोत्तर भारत से आये छात्र छात्राओं के साथ विदेशियों की तरह व्यवहार करते हैं. इस समस्या का संज्ञान देश के एक बेहतरीन विश्विद्यालय ने लिया है. इस दिशा में कदम बढाते हुए दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू)  पूर्वोत्तर भारत के अध्ययन और इस क्षेत्रे के बारे में ज्यादा से ज्यादा जांनकारी एकत्र करने के लिए अपने नयी दिल्ली स्थित कैंपस में एक विशेष केंद्र स्थापित करने जा रहा है. इस बारे में जानकारी देते हुए जेएनयू के कुलपति ने ट्वीट कर बताया, ‘जेएनयू ने पूर्वोत्तर भारत के अध्ययन के लिए विशेष केंद्र स्थापित करने का फैसला किया है. इसमें जेएनयू के अलग-अलग स्कूलों के विभागों के सदस्यों को शामिल किया जाएगा. भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं का इस विशेष केंद्र में अध्ययन किया जाएगा.’

एक प्रोफेसर ने कहा कि नए केंद्र में कई विषयों से जुड़ी चीजें शामिल होंगी जिससे पूर्वोत्तर से जुड़े हर तरह के शोध पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज, स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चरल स्टडीज सहित कई स्कूल इसमें शामिल होंगे.

केंद्र यूनिवर्सिटी की प्रतिभा का इस्तेमाल करेगा और इससे अंतरराष्ट्रीय संबंध, भारत की लुक ईस्ट नीति के संदर्भ में पूर्वोत्तर का महत्व बढ़ेगा.’ अकादमिक परिषद ने पिछले महीने केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी थी और अन्य ब्योरे पर काम किया जा रहा है.


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