बिहार में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है

जुलाई का महिना अपने अंतिम सप्ताह में आ गया है, पर बिहार में अभी तक औसतन 50 फीसदी से कम बारिश हुई है.  ऐसे में प्रदेश में सूखे की स्थिति से निबटने के लिए सरकार ने आज समीक्षा बैठक की जिसमे डीजल अनुदान की राशि 50 रुपये बढ़ायी गयी है. पहले एक लीटर डीजल पर 40 रुपये का अनुदान था. अभी एक लीटर डीजल का दाम करीब 73 रुपये हैं. किसानों को 50 रुपये सरकार देगी तो उन्हें एक लीटर पर 23 रुपये ही खर्च करने होंगे़ आपदा को लेकर राशि की कमी नहीं होगी.

पटवन के लिए बिजली की दर घटाई गयी. 96 पैसे प्रति यूनिट की जगह अब 75 पैसे प्रति यूनिट का चार्ज लगेगा. ग्रामीण इलाकों में अगर ट्रांसफार्मर खराब होंगे तो उन्हें 48 घंटे में बदला जायेगा. जहां, पेयजल की कमी होगी वहां टैंकर से पानी पहुंचाया जायेगा. पीएचइडी विभाग 500 टैंकरों के जरिये पानी पहुंचायेगा.

बारिश नहीं होने की वजह से धान की रोपनी बहुत कम हुई है. पिछले साल इस समय तक करीब 1 लाख 47 हजार हेक्टेयर जमीन में रोपनी हो चुकी थी. लेकिन इस साल केवल 66 हजार हेक्टेयर जमीन में ही रोपनी हुई है.
पानी की कमी को देखते हुए सरकार वैकल्पिक खेती पर भी विचार कर रही है. धान की जगह वैसे वैकल्पिक फसल बीजों को 28 जुलाई तक सभी प्रखंड मुख्यालयों तक पहुंचाने के लिए निर्देश दिया गया है.
31 जुलाई को सीएम फिर सूखे की स्थिति की समीक्षा करेंगे.

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