राहुल गाँधी के नेतृत्व में कांग्रेस वर्किंग कमिटी की पहली बैठक; 300 सीट जीतने का लक्ष्य

नयी दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में रविवार को नवगठित कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की पहली बैठक हुई. करीब पांच घंटे तक चली बैठक में 2019 लोकसभा चुनावों का बिगुल फूंक दिया गया. संसद भवन के एनेक्सी में हुई इस बैठक में सोनिया गांधी, पी चिदंबरम, अमरिंदर सिंह समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों के व्यापक गठबंधन की पैरवी की. साथ ही कांग्रेस कार्य समिति ने राहुल को 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ गठबंधन करने के लिए अधिकृत कर दिया.
2019 लोक सभा चुनाव में 300 सीट जीतने के लिए चिदंबरम ने पेश किया फार्मूला:
बैठक में कांग्रेस ने लोकसभा की 300 सीटों पर जीत की रणनीति बनायी. पी चिदंबरम ने 2019 लोकसभा चुनाव के लिए एक फॉर्मूला पेश किया. उन्होंने कहा कि 12 राज्यों में कांग्रेस मजबूत है. अगर पार्टी अपनी क्षमताओं में तीन गुना इजाफा करे, तो 150 सीटें जीत सकती है. इसके अलावा, अन्य राज्यों में गठबंधन की मदद से कांग्रेस 150 और सीटें जीत सकती है.
यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल गांधी पार्टी या गठबंधन की तरफ से प्रधानमंत्री पद का चेहरा होंगे, तो कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस का निर्णय सटीक, सपाट और स्पष्ट है. राहुल गांधी हमारा चेहरा हैं. हम उनके नेतृत्व में जनता के बीच जायेंगे. जब हम सबसे बड़ा दल होंगे, तो स्वाभाविक रूप से वही चेहरा होंगे.
सुरजेवाला ने कहा कि बैठक में देश में घृणा और हिंसा के मौजूदा हालात के साथ ही कृषि संकट, बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था की स्थिति, दलितों एवं आदिवासियों पर हमले, पिछड़ों और अति पिछड़ों के साथ भेदभाव, महिला सुरक्षा, विदेश नीति और आंतरिक एवं बाहरी सुरक्षा, संस्थाओं पर हमले, आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग और चुनाव के मुहाने पर खड़े राज्यों के लिए विशेष नीति बनाने को लेकर चर्चा हुई.

लोकतंत्र को संकट में डाल रहा ‘खतरनाक शासन’ : सोनिया

सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश की जनता को उस ‘खतरनाक शासन’ से बचाना होगा, जो भारत के लोकतंत्र को संकट में डाल रहा है. सोनिया ने भारत के वंचितों और गरीबों पर ‘निराशा और डर के शासन’ को लेकर लोगों को आगाह किया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की ‘उलटी गिनती’ शुरू हो गयी है. हम गठबंधन करने और उसे सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. संघ की संगठनात्मक ताकत और धनबल से लड़ने के लिए विपक्षी पार्टियों को रणनीति के तहत गठबंधन बनाना होगा.

भाषा और व्यवहार की मर्यादा बनाएं रखें : राहुल

राहुल गांधी ने कहा कि नवगठित कांग्रेस कार्य समिति अतीत, वर्तमान और भविष्य के बीच का सेतु है. साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे भारत के दबे-कुचले लोगों की लड़ाई लड़ें. उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि वे भाषा एवं व्यवहार की मर्यादा को बनाएं रखें. उन्होंने यह नसीहत ऐसे समय में दी है, जब कुछ दिनों पहले पार्टी सांसद शशि थरूर के ‘हिंदू तालिबान’ वाले बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संस्थाओं, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और गरीबों पर हमले कर रही है.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी की निरंतर आत्म-प्रशंसा और जुमलेबाजी की संस्कृति को खारिज किया. कहा कि यह विकास के लिए जरूरी ठोस नीति के विरुद्ध है. 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के दावे को पूरा करने के लिए कृषि क्षेत्र में 14 फीसदी संवृद्धि दर की दरकार है, जो कहीं दिखती नहीं है.
लोस चुनाव से पहले कांग्रेस ने बिहार में जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने की कवायद शुरू की है. वह राज्य के हर गांव में कमेटी का गठन और पंचायत अध्यक्ष की नियुक्ति करने जा रही है. कांग्रेस ने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को जिला प्रभारी की जम्मेदारी देने का भी फैसला किया है.

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