शराबबंदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण में योगदान किया है: नीतीश

पटना: बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) विधेयक, 2018 को विधानसभा में पास कर दिया गया  है . विधेयक को पेश करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अनुभव के आधार पर शराबबंदी कानून में संशोधन किया जा रहा है. जो प्रावधान अनावश्यक प्रतीत हुए उन्हें हटाया जा रहा है. कानून में राय और अनुभव के आधार पर ही संशोधन किया जा रहा है. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) विधेयक, 2018 के द्वारा हम प्रदेश में शराबबंदी और मजबूती से लागू करवाना चाहते हैं.

हमारी यह कोशिश है कि गरीबों का कल्याण हो, जो लोग यह आरोप लगा रहे हैं ‘शराबबंदी’ कानून के जरिये गरीबों को परेशान किया जा रहा है उन्हें मैं यह बताना चाहता हूं कि आप आंकड़ों पर नजर डाले, आप कहते हैं कि जेल की क्षमता से अधिक लोग जेल में डाले गये हैं, तो आप यह जानें कि जेल में आज क्षमता से कम कैदी मौजूद हैं. नीतीश कुमार ने कहा कि मैंने महिलाओं ने वादा किया था कि उनके हित के लिए मैं शराबबंदी करूंगा और मैंने वह किया. आज जब एक मर्द बिना पीये घर जाता है तो वह अपने परिवार के लिए कई चीजे खरीदता है, खुश रहता है, वह पत्नी के साथ मारपीट नहीं करता, इससे परिवार में खुशियां आयीं हैं. सड़क दुर्घटनाओं में कमी आयी है.

यह एक सामाजिक सुधार का कानून है, जिसमें हमें सभी का सहयोग अपेक्षित है. निंदा करने वाले तो निंदा कर ही सकते हैं, लेकिन सच्चाई से वे भी अनभिज्ञ नहीं हैं. नीतीश कुमार ने कहा कि सामाजिक सुधार के इस कार्य में हमें जनता का सहयोग चाहिए, सिर्फ कानून बनाने से शराबबंदी लागू नहीं हो सकता है. हां महिलाओं के सशक्तीकरण से लोग डर रहे हैं यह भी एक सच्चाई है. प्रस्ताव के पक्ष में बोलते हुए नीतीश कुमार ने सबसे सहयोग की अपील की. यह संशोधन विधेयक को सदन ने पारित कर दिया है.


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