झारखण्ड में कोल् ब्लाक में उत्पादन में तेजी लायें, जमीन के मामले सुलझाएं: केन्द्रीय कोयला सचिव

झारखंड के राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा कोयला के उत्पादन से आता है.  यहां भूमि से जुड़ी समस्या सबसे अधिक है. फॉरेस्ट क्लीयरेंस और विधि व्यवस्था की भी समस्या है. इससे काफी नुकसान हो रहा है. ऐसे में अधिकारी संबंधित संचिकाअों के निष्पादन में तेजी लायें. केंद्रीय कोयला सचिव इंदरजीत सिंह ने  कहा कि राजस्व विभाग और वन विभाग समन्वय बनाकर मामलों का  त्वरित निष्पादन करे.  केन्द्रीय कोयला सचिव सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में झारखंड  में कोयला खनन, ढुलाई आदि में आ रही समस्याओं के समाधान को लेकर राज्य के  अफसरों के साथ  बैठक कर रहे थे.
बैठक में भू-राजस्व सचिव केके सोन ने भूमि से जुड़ी समस्याओं पर बिंदुवार स्थिति बतायी.  उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर इन समस्याओं को समय सीमा के अंदर निबटाया जा रहा है. मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्व सचिव कुछ अधिकारियों को मौके पर भेज कर विवादित जमीन के मामलों का त्वरित निष्पादन करायें. उन्होंने संबंधित जिलों के उपायुक्तों को  भूमि विवाद के मामलों पर रैयतों को विश्वास में लेने का निर्देश दिया. जन प्रतिनिधियों को भी समस्या के समाधान में सहभागी बनायें.
जिला टास्क फाॅर्स का गठन किया गया है: फॉरेस्ट क्लीयरेंस के संबंध में पीसीसीएफ ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार मामलों का निबटारा किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कुछ कोल कंपनियां ही मामले में देरी कर रही हैं.  गृह सचिव एसकेजी रहाटे ने बताया कि  विधि व्यवस्था के संधारण के लिए जिला टास्क फोर्स का गठन किया गया है. पुलिस गंभीर है. कोल कंपनियों के कर्ता-धर्ता पुलिस से समन्वय बनाकर रखें.
बैठक में सीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह ने लातेहार और चतरा में कोयला खदान से रेलवे स्टेशन तक  जाने के लिए सड़क के लिए जमीन का मामला उठाया. बीसीसीएल के अधिकारियों ने झरिया मास्टर प्लान के क्रियान्वयन में आ रही समस्या का मामला केंद्रीय सचिव के समक्ष रखा. इसीएल के अधिकारियों ने राजमहल में अतिरिक्त जमीन लेने में हो रही देरी का मामला उठाया.
एनटीपीसी पर नाराजगी जतायी : केंद्रीय सचिव ने अलग-अलग कंपनियों को मिले कोल ब्लॉक की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी एनटीपीसी अपने दो कोल ब्लॉक केरेडारी व चट्टी बरियातू से अभी तक उत्पादन नहीं कर रहा है.
केंद्रीय सचिव ने एस्सार पावर एमपी लिमिटेड को आवंटित तोकीसूद नॉर्थ कोल ब्लॉक, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को आवंटित पचुवारा सेंट्रल कोल ब्लॉक, वेस्ट बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को आवंटित पचुवारा नॉर्थ कोल ब्लॉक, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड को आवंटित डुमरी कोल ब्लॉक,जेएसडब्ल्यू को आवंटित मोइत्रा कोल ब्लॉक, उषा मार्टिन लिमिटेड को आवंटित बृंदा और सिसई कोल ब्लॉक, त्रिमुला इंडस्ट्रीज लिमिटेड को आवंटित मेराल कोल ब्लॉक, अरण्या माइंस प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित लोहारी कोल ब्लॉक में डेड लाइन के अनुरूप काम शुरू करने का निर्देश दिया. ऐसा नहीं करने पर परफॉरमेंस सिक्युरिटी की राशि जब्त करने की भी चेतावनी दी गयी.
अडाणी पावर लिमिटेड को आवंटित जीतपुर कोल ब्लॉक में जमीन के मामले की समीक्षा की गयी. अडाणी को रैयतों के बीच जमीन का मुआवजा शीघ्र भुगतान करने का निर्देश दिया गया. साथ ही डेड लाइन के अनुरूप कोल ब्लॉक से उत्पादन करने को कहा.  रांची़ कोयला सचिव डॉ इंदरजीत सिंह ने सीसीएल प्रबंधन को विद्युत तापघरों को विशेष योजना बनाकर कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि चार  मिलियन टन कोयला स्टॉ‍क को जल्द से जल्द कम करें. अधिकारी सामूहिक एवं व्यक्तिगत  जिम्मेदारी के साथ काम करें. उन्होंने उत्पादन संबंधित किसी भी समस्या और चुनौतियों का योजनाबद्ध  तरीके से समाधान निकालने को कहा. कोल इंडिया के अध्यक्ष  एके झा ने कहा कि कोल इंडिया 35 मिलियन टन कोयला  स्टॉक को कम करने के लिए  प्रतिबद्ध है. देश को ऊर्जा  प्रदान कर आगे बढ़ाने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी कोल इंडिया को मिली है.

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