जेल में मोबाइल पकडे जाने के मामले में पश्चिम बंगाल प्रशासन सख्त

कोलकाता : राज्य की विभिन्न जेलों में कैदियों के मोबाइल का इस्तेमाल करते पकड़े जाने के मामले सामने आते रहे हैं. लेकिन विगत कुछ वर्षों से जिस तरह से कैदियों के पास से मोबाइल जब्त होने की घटनाएं बढ़ रही हैं, उससे जेल के अधिकारी काफी चिंतित हैं. जेल सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2013 से लेकर 2015 तक कोलकाता की विभिन्न जेलों में कैदियों के पास से वर्षभर में औसतन 650 से 850 मोबाइल फोन जब्त किये जाते थे. 2015 से लेकर 2017 तक इसकी संख्या में 200 से 300 तक इजाफा हुआ. 2015 से लेकर 2017 तक वर्षभर में कैदियों के पास से औसतन एक हजार से लेकर 1150 तक मोबाइल जब्त किये गये. लेकिन 2018 में जनवरी से लेकर जुलाई महीने के मध्य तक ही विभिन्न जेलों में कैदियों के पास से 1300 से अधिक मोबाइल फोन जब्त किये जा चुके हैं. वर्ष के मध्य तक के अंदर ही इस संख्या में इतनी बढ़ोतरी से जेल प्रबंधन चिंतित है.
वहीं थाने के कुछ वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि उनके पास कई ऐसे मामले सामने आये हैं, जिसमें जेल में ही बैठकर कैदी मोबाइल का इस्तेमाल कर व्यापारियों से रंगदारी व फिरौती मांगने के मामले में जुड़े पाये गये हैं. हाल में अलीपुर जेल से भागे बांग्लादेशी कैदियों ने भी जेल से भागने के पहले जेल के अंदर मोबाइल के जरिये बाहरी लोगों के साथ संपर्क कर भागने की साजिश रची थी.

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