सरकारी खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला हक है: नीतीश

अब 25 दिनों में मिल जायेगा डीजल अनुदान का पैसा 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि समन्वयक व कृषि  सलाहकार कैंपेन मोड में प्रत्येक गांवों में किसानों के घर जाकर कृषि अनुदान योजनाओं की जानकारी दें. उन्हें केंद्र पर ले जाकर रजिस्ट्रेशन कराएं. साथ  ही आधार से उनका खाता लिंक कराएं. मुख्यमंत्री सोमवार को सचिवालय स्थित ‘संवाद‘  में डीजल अनुदान की राशि का किसानों के बैंक  खातों में अॉनलाइन ट्रांसफर कार्यक्रम  का शुभारंभ कर रहे थे. इस मौके पर 1100 किसानों के खातों में राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की गयी. उन्होंने कहा कि 31  जुलाई को फिर बैठक आयोजित कर सारी  परिस्थितियों की समीक्षा की जायेगी, जिसमें सुखाड़ घोषित करने पर भी निर्णय  लिया जायेगा.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों कहा कि आपदा की  परिस्थिति में उदारतापूर्वक पैसा खर्च कीजिए. सरकारी खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला हक है.

कृषि विभाग के प्रधान सचिव सुधीर कुमार ने कहा कि डीजल अनुदान का लाभ लेने के लिए किसानों को पहले विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. फिर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. कृषि समन्वयक व कृषि सलाहकारों को आवेदनों की जांच के लिए 10 दिनों का समय दिया जायेगा. इस अवधि में उनके द्वारा रिपोर्ट नहीं देने पर उसे सही माना जायेगा. इसके बाद जिला कृषि पदाधिकारी सात दिनों के अंदर विभाग को रिपोर्ट देंगे. राज्य मुख्यालय से दो दिनों के अंदर राशि बैंक को भेज दी जायेगी, जहां से लाभुकों के खातों में पैसा ट्रांसफर हो जायेगा. उन्होंने कहा कि सिर्फ आधार लिंक खातों में ही राशि ट्रांसफर होगी.

अब 25 दिनों में मिल जायेगा डीजल अनुदान का पैसा 

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सूबे में पिछले नौ साल में से छह साल औसत से कम वर्षा हुई थी. इस साल भी अब तक 48 फीसदी कम वर्षा रिकॉर्ड की गयी है. उन्होंने कहा कि पहले  किसानों को डीजल अनुदान का लाभ लेने के लिए तीन महीने का समय लगता था.  अब किसानों को अॉनलाइन प्रक्रिया से 25 दिनों के अंदर डीजल अनुदान  का पैसा मिल जायेगा.


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