31 जुलाई को विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये नीतीश 14 जिलों में सूखे के संकट की समीक्षा करेंगे

सभी विभागों और जिलों को 31 जुलाई की बैठक के लिए अपनी तैयारी पूरी कर लेने को कहा गया है.

बिहार में सुखा का संकट मंडरा रहा है. बिहार के 14 जिलों मेंसामान्य से 50 प्रतिशत से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. राज्य में बांका, भागलपुर, किशनगंज, मधुबनी और पश्चिम चंपारण ही ऐसे जिले हैं जहां सामान्य बारिश हुई है. शुक्रवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक हुई. इसमें जानकारी दी गयी कि  पिछले 24 घंटे में हुई बारिश की वजह से वर्षापात का गैप 48 प्रतिशत से घटकर 38 प्रतिशत पर आ गया है;  हालांकि अभी तक धान की रोपनी 32 प्रतिशत ही हो सकी है.  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 31 जुलाई को सूखे की स्थिति पर समीक्षा बैठक होगी. मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तमाम जिलों के डीएम से हालात का जायजा लेंगे.

इन जिलों में हुई 50 फीसदी से कम बारिश:आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अररिया, अरवल, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पटना, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सीवान और वैशाली में सामान्य से 50 प्रतिशत से कम बारिश हुई है. शेष 19 जिलों में सामान्य से 19 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि सभी विभागों और जिलों को 31 जुलाई की बैठक के लिए अपनी तैयारी पूरी कर लेने को कहा गया है. डीजल सब्सिडी के लिए अब तक 35173 किसानों से आवेदन मिला है. उस पर काम चल रहा है.

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वैकल्पिक फसल के बीज किसानों को उपलब्ध कराएं: राज्य में कम बारिश से  उत्पन्न सुखाड़ जैसी स्थिति से निबटने के लिए कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में रणनीति तय की गई. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में शिविर लगाकर किसानों को वैकल्पिक फसल बीज वितरण सुनिश्चित कराएं. किसानों को नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य मुख्यालय स्तर से जिला, प्रखंड व पंचायत स्तर के सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों की सहभागिता सुनिश्चित हो. पौधा संरक्षण सहायक निदेशक और पर्यवेक्षक को प्रतिदिन गांव जाकर खेतों में कीट-व्याधि के प्रकोप खासकर गंधी कीट पर निगरानी रखने का निर्देश दिया. डीजल अनुदान किसानों को आसानी से मिले इसका ध्यान रखें. बामेती निदेशक को निर्देश दिया कि आत्मा योजना से धान का पौधा बचाने और वैकल्पिक फसल के लिए प्रशिक्षण पंचायत और प्रखंड स्तर पर किसान समूहों को प्रशिक्षण दिलाने का निर्देश दिया. जिलास्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक में डीएम से अनुमोदन लेने का भी निर्देश दिया.


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