NFHS -4 : कभी जबरदस्ती तो कभी धमकाकर पति करते हैं सेक्स, ओरल सेक्स भी है मजबूरी

अंजलि (बदला हुआ नाम) एक पढ़ी-लिखी युवती है, उसका अपने एक क्लासमेट से प्रेम संबंध था, दोनों खुश थे और शादी करना चाहते थे, लेकिन माता-पिता के दबाव में अंजलि ने अपने घर वालों की पसंद से शादी की और समझौता कर उसी के साथ रहने का भी तय कर लिया, लेकिन शादी की पहली रात को ही उसके साथ जो कुछ हुआ, वह उसके लिए जीवन का एक खौफनाक सच बन गया, आज उसकी स्थिति ऐसी है कि ना तो वह किसी के साथ ठीक से बात करती है और ना हंसती है, बस मुर्दे की तरह जी रही है, हमने जब उससे बात करना चाहा तो पहले तो उसने इनकार कर दिया, लेकिन जब हमने उससे प्यार से पूछा तो वह रोने लगी और अपने कपड़े को उठाकर दिखाया, उसके पूरे बदन पर नाखून और दांत से काटने के निशान मौजूद थे.

 

 

अंजलि ने बताया उसका पति हैवान है, उसे बस सेक्स की चाहत है, वह उसके शरीर को इस्तेमाल करता है अपनी भूख मिटाता है और उसकी भावनाओं की परवाह किये बिना, उसे धकियाकर ऐसे चला जाता है, मानो वह औरत नहीं कोई सेक्स टाॅय हो. उनके बीच सेक्स नहीं होता वह हर रात उसका बलात्कार करता है, यहां तक कि वह उसे ओरल सेक्स और अप्राकृतिक सेक्स के लिए भी बाध्य करता है. जब हमने उससे पूछा कि वह कानून की मदद क्यों नहीं लेती तो वह चुपचाप उठकर चली गयी और सिर्फ इतना ही कहा कि वह उसका पति है और कानून भी शादीशुदा जिंदगी में रेप को गैरकानूनी नहीं मानता.

यह कहानी हमारे आपके बीच की है और सच है, भले ही हम निजता के अधिकार का सम्मान करते हुए उस लड़की का नाम उजागर नहीं कर रहे, लेकिन आये दिन हमारे सामने ऐसे कई मामले आते हैं जब हम ऐसी घटनाओं से दो-चार होते हैं. कुछ ही दिनों पहले कोर्ट के सामने एक ऐसा मामला आया, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि यह जरूरी नहीं कि पत्नी हमेशा सेक्स के लिए तैयार हो, एक दूसरे मामले में कोर्ट ने ओरल सेक्स को अमानवीय बताया था, क्योंकि महिला का आरोप था कि उसका पति उसे ओरल सेक्स के लिए मजबूर करता है और ऐसा नहीं करने पर वह मारपीट करता है.

 

 

विवाह नामक संस्था में रेप को भले ही दंडनीय ना माना गया हो, लेकिन यह एक सच्चाई है कि विवाह के अंतर्गत रेप होते हैं और शारीरिक संबंध से इनकार करने पर पति, प्रेमी या कोई और साथी महिलाओं के साथ sexual violence करते हैं.

महिला के करीबी ही करते हैं sexual violence

NFHS -4 के आंकड़ों के अनुसार यौन हिंसा अक्सर उन व्यक्तियों द्वारा की जाती है जिनके साथ महिलाओं का अंतरंग संबंध होता है. इसमें उनका पति, प्रेमी या कोई नजदीकी रिश्तेदार शामिल होता है. सर्वे के अनुसार 15-49 साल तक के आयु वर्ग की विवाहित महिलाएं यौन हिंसा की शिकार होती हैं, जिनमें से 83 प्रतिशत ने अपने पति को इसके लिए अपराधी बताया जबकि नौ प्रतिशत ने अपने पूर्व पति को इसका अपराधी बताया. आजीवन अविवाहित रहने वाली महिलाओं में से 30 प्रतिशत ने अपने रिश्तेदारों को दोषी ठहराया, 16 प्रतिशत ने पूर्व प्रेमी को, 15 प्रतिशत ने अपने दोस्त को और 13 प्रतिशत ने अन्य रिश्तेदार को.

 

 

SEXUAL VIOLENCE का अनुभव

सर्वे में यह बात उभरकर सामने आयी कि 15-49 साल की जिन महिलाओं ने अपने जीवन में यौन हिंसा को सहा है उसनी संख्या छह प्रतिशत है, NFHS-3 के मुकाबले इसमें गिरावट है क्योंकि NFHS-3 में यह डाटा नौ प्रतिशत का था. 15-19 साल की महिलाओं में से तीन प्रतिशत, 20-24 साल की युवती पांच प्रतिशत और उससे अधिक उम्र की महिलाओं में से सात प्रतिशत यौन हिंसा का शिकार बनती हैं. SEXUAL VIOLENCE में शिक्षा का प्रभाव भी नजर आता है. जो महिलाएं शिक्षित है उनके साथ यौन हिंसा कम होती है जबकि जो अशिक्षित हैं उनके साथ ज्यादा हिंसा होती है. अशिक्षित महिलाओं में यौन हिंसा का प्रतिशत नौ है जबकि शिक्षा के साथ यह घटता जाता है. साथ ही निम्न आयवर्ग वाले परिवारों में यौन हिंसा 10 प्रतिशत महिलाओं के साथ होती है तो अच्छे संपन्न परिवारों में इसका प्रतिशत तीन है.

यौन हिंसा के प्रकार

विवाहित महिलाओं में से 33 प्रतिशत का यह कहना है कि उनके पति उनके साथ शारीरिक, यौन और भावनात्मक हिंसा करते हैं. वहीं 26 प्रतिशत का यह कहना है कि वे इन तीनों में से किसी एक प्रकार कि हिंसा का शिकार बन चुकी हैं. 30 प्रतिशत महिलाएं पति की शारीरिक हिंसा का शिकार होती हैं जबकि 23 प्रतिशत महिलाएं पिछले एक साल में इस तरह की हिंसा का शिकार हो चुकी होती हैं. सात प्रतिशत महिलाएं पति की यौन हिंसा का शिकार होती हैं, जबकि पांच प्रतिशत पिछले एक साल में ऐसी हिंसा से गुजर चुकी होती हैं. 14 प्रतिशत महिलाओं ने पति द्वारा भावनात्मक हिंसा किये जाने की बात कही तो 11 प्रतिशत ने बताया कि वे पिछले एक साल में ऐसे व्यवहार से गुजर चुकी हैं. पति द्वारा महिलाओं के साथ किये जाने वाले हिंसा में सबसे सामान्य है थप्पड़ जड़ देना 27 प्रतिशत, धक्का देना या कुछ फेंक कर मारना 13 प्रतिशत, बांह मरोड़ देना 11 प्रतिशत, बाल खिंचना 8-9 प्रतिशत, जलाना या बांधकर रखना दो प्रतिशत, चाकू, बंदूक या किसी अन्य हथियार से मारना एक प्रतिशत. छह प्रतिशत महिलाओं का कहना है कि जब वे सेक्स करना नहीं चाहती तो पति अपनी ताकत के दम पर जबरदस्ती ऐसा करते हैं. चार प्रतिशत का कहना है कि उनके पति धमकाकर सेक्स करते हैं, जब वे नहीं चाहती हैं. तीन प्रतिशत का कहना है कि उनके पति उनसे ऐसे sexual acts जबरदस्ती करवाते हैं, जो वे नहीं करना चाहती हैं.

 

 

अंकुश लगाते हैं पति
15-49 साल की महिलाएं जिनपर यह सर्वे हुआ है उनमें से 39 प्रतिशत यह मानती है कि वे अपने पति द्वारा अंकुश लगाये जाने से हमेशा डरी रहती हैं. 27 प्रतिशत विवाहित महिलाओं के पति उनसे जलते हैं जब वे किसी दूसरे आदमी से बात करती हैं. 24 प्रतिशत का कहना है कि उनक पति उनपर विश्वास नहीं करता. 22 प्रतिशत कहती हैं कि उन्हें अपनी सहेलियों से भी मिलने नहीं दिया जाता है. 20 प्रतिशत कहती हैं कि उन्हें हमेशा यह बताना पड़ता है कि वे कहां हैं जबकि 17 प्रतिशत कहती हैं कि उनपर अंकुश लगाने की कोशिश होती है.

शराब के नशे में sexual violence
हमारे देश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा का एक प्रमुख कारण शराब है. शराब के नशे में पति अपनी पत्नियों पर अत्याचार करते हैं. 71 प्रतिशत महिलाएं कहती हैं कि उनका पति उनके साथ यौन हिंसा तभी करता है जब वह शराब के नशे में होता है. जबकि 22 प्रतिशत ऐसे भी हिंसा का शिकार होती हैं.

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