जानिये कौन है मुजफ्फरपुर सेक्स स्कैंडल का सरगना और एनजीओ माफिया ब्रजेश ठाकुर

मुजफ्फरपुर  : कभी लंगट सिंह काॅलेज के लिए देश भर में प्रसिद्ध रहा बिहार का मुजफ्फरपुर जिला आज मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के कारण पूरे देश में जाना जा रहा है और मीडिया की सुर्खियों में है. बालिका गृह में छोटी बच्चियों के साथ जो हैवानियत हुई है वह बयान से परे है. 44 में से 42 बच्चियों का मेडिकल चेकअप हुआ और 34 लड़कियों के साथ रेप और अमानवीय व्यवहार की पुष्टि हो चुकी है. इस कांड में रोज नये खुलासे हो रहे हैं और बच्चियां जिस इंसान को रेपिस्ट बता रही हैं और उसपर यह आरोप लगा रही है कि यही है वह शख्स जिसके इशारों पर बच्चियों का यौन शोषण हुआ, जो हैवान बच्चियों को छत पर नंगा करके उन्हें सिगरेट से जलाता था, लड़कियों को नंगा करके देखना जिसका शगल था, वह ‘बिरजेश सर’ या ब्रजेश ठाकुर आखिर कौन है?

सेवा संकल्प नामक एनजीओ का संचालक है दबंग ब्रजेश ठाकुर

ब्रजेश ठाकुर बिहार की दबंग जाति ‘भूमिहार’ जाति से आते हैं, जिसके कारण इनका मुजफ्फरपुर जिले में एक रसूख है. सेवा संकल्प एनजीओ इनके घर के बगल में ही है, जहां बच्चियों को रखा जाता था. यहीं पर बच्चियों का यौन शोषण होता था और उन्हें बाहर भी भेजा जाता था.

तीन अखबारों का मालिक है ब्रजेश ठाकुर

आमतौर पर यह माना जाता है कि मीडिया उन लोगों की आवाज बनता है जो मुखर नहीं हैं, लेकिन ब्रजेश ठाकुर ने इसे मात्र कमाई का जरिया बनाकर रख दिया था. ब्रजेश ठाकुर के पिता ने 1982 में एक हिंदी अखबार ‘प्रात: कमल’ शुरू किया था. हालांकि यह अखबार बहुत बड़ा या प्रसारित नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे राधामोहन ठाकुर ने अपने प्रभाव से इसके लिए सरकारी एड शुरू करवा लिया. इन पैसों से ब्रजेश ठाकुर ने रियल स्टेट के कारोबार में हाथ आजमाया. इस अखबार को अभी ब्रजेश ठाकुर के बेटे राहुल राज देखते हैं. इसके अलावा न्यूज नेक्ट (अंग्रेजी ) में जिसकी एडिटर इन चीफ ब्रजेश ठाकुरकी बेटी है. इसके अलावा एक और अखबार उर्दू में निकल रहा है जिसका नाम है -हालात ए बिहार .

बिहार के चर्चित नेता आनंद मोहन से नजदीकी
ब्रजेश ठाकुर की बिहार के चर्चित नेता आनंद मोहन से नजदीकी थी जिसके कारण उन्होंने मुजफ्फपुर के कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा लेकिन राजद के बसावन भगत ने उन्हें शिकस्त दे दी जिससे विधायक बनने का उनका सपना टूट गया.

राजनेताओं से संपर्क, हर महीने सरकार से मिलते थे एक करोड़
ब्रजेश ठाकुर का राजनीति के प्रति रुझान था, भले ही वे चुनाव नहीं जीत पाये लेकिन उनका राजनेताओं से गहरा संबंध है. कहा जा रहा है कि इसी संबंध के कारण सरकार ब्रजेश ठाकुर को गिरफ्तार नहीं कर रह है.कहा तो यह भी जा रहा है कि ब्रजेश ठाकुर के साथ सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ  बहुत अच्छे संबंध हैं और इसी का फायदा उसे मिला है. ब्रजेश ठाकुर अपने तीन अखबारों के नाम पर सरकारी विज्ञापन तो लेता ही था, उसे कई सरकारी टेंडर भी मिलते थे. जिससे उसे प्रतिमाह एक करोड की आय हो जाती थी.  सीएम नीतीश से नजदीकी की खबरों के बीच नीतीश कुमार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने कीअनुशंसा की और आज इस टीम ने एफआईआर भी दर्ज करा दिया है.

 

यह भी पढ़ें :-

मुजफ्फरपुर कांड : CBI ने बालिका गृह के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया

मुजफ्फरपुर बालिका गृह काण्ड: जांच अंतिम चरण में, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई, बोले नीतीश

 


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.