बिरसा मुंडा जेल में लाइट एंड साउंड से दिखेगी धरती आबा की संघर्ष गाथा

कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय टीम पोर्ट ब्लेयर के सेल्यूलर जेल का अवलोकन कर लौटी. यहां 1989 से लाईट एवं साउंड शो चल रहा है, जिसमें ओम पुरी ने आवाज दी है.

रांची.अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अबुआ दिशुम, अबुआ राज का नारा बुलंद करने वाले धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की संघर्ष गाथा लाइट एंड साउंड के लेजर शो के माध्यम से लोग देख सकेंगे. पोर्ट ब्लेयर के सेल्यूलर जेल की तर्ज पर ही रांची के पुराने बिरसा मुंडा जेल परिसर में शो दिखाया जाएगा. मुख्यमंत्री रघुवर दास के निर्देश पर कल्याण विभाग की एक हाई लेबल टीम पोर्ट ब्लेयर के सेल्यूलर जेल में चलाए जाने वाले लाइट एंड साउंड शो का अध्ययन कर शुक्रवार को रांची लौटी. यह टीम जल्द ही राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर सरकार इस योजना को अंतिम रूप देगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

ट्राइबल फ्रीडम फाइटरों को बारे में मिलेगी की जानकारी:पोर्ट ब्लेयर जाने वाली टीम में कल्याण विभाग की प्रधान सचिव हिमानी पांडेय, आदिवासी कल्याण आयुक्त गौरीशंकर मिंज, टीआरअाई के डायरेक्टर रणेंद्र कुमार, जुडको के इंजीनियर प्रदीप कुमार सिंह और आर्किटेक्ट एसडी सिंह शामिल थे. राज्य सरकार पहले ही पुराने बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल को म्यूजियम बनाने की घोषणा कर चुकी है. वहां भव्य बिरसा मुंडा स्मृति पार्क भी बनाया जा रहा है, जिसमें धरती आबा की आदमकद प्रतिमा भी रहेगी. यह म्यूजियम ट्राइबल फ्रीडम फाइटरों को हीरो के रूप में प्रस्तुत करेगा.

पुराने बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल को संरक्षित करने की योजना:सरकार की योजना है कि सेल्यूलर जेल की तरह ही पुराने बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न करते हुए इसे संरक्षित किया जाए. इसी जेल में गोरी सरकार के खिलाफ संघर्ष करने वाले बिरसा मुंडा का निधन हुआ था. बिरसा मुंडा का बचपन से लेकर उनके निधन तक का चित्रण लाइट एवं साउंड शो के माध्यम से किया जाएगा. बताया जाएगा कि किस तरह से बिरसा मुंडा ने किशोरावस्था से ही आंदोलन शुरू किया और किस तरह से अंग्रेजों को नाको चने चबाने को मजबूर करते रहे. नेता के रूप में सभी मुंडाओं को एकत्र कर इन्होंने अंग्रेजो से लगान माफी के लिये भी आन्दोलन किया. कई बार गिरफ्तार भी हुए. अपने जीवन काल में ही एक महापुरुष का दर्जा भी पाया.

सेल्यूलर जेल में 1989 से चल रहा लाइट शो:टीम के सदस्यों ने सेल्यूलर जेल पर रिसर्च करने वाली म्यूजियम की क्यूरेटर मैडम रशीदा से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि यह इलाका 1942 में जापान के कब्जे में था. यहां वीर सावरकर और उनके भाई, बटुकेश्वर दत्त सहित आजादी के कई दीवाने कैद थे. यहां 1989 से लाईट एवं साउंड शो चल रहा है, जिसमें ओम पुरी ने आवाज दी है.

प्रधानमंत्री करेंगे इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास:कल्याण विभाग की प्रधान सचिव हिमानी पांडेय इस प्रोजेक्ट पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से केंद्र से बात करेंगी. इस मामले में पीएमओ की विशेष दिलचस्पी है. इसलिए पूर्व में दिल्ली मे ही 30 जुलाई को प्रस्तावित बैठक में कल्याण विभाग की प्रधान सचिव को भाग लेना था. लेकिन अब वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही वे बात करेंगी. संभावना व्यक्त की जा रही है कि पीएम नरेंद्र मोदी इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे.


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