NRC Assam का फाइनल ड्रॉफ्ट जारी, 40 लाख लोगों का नाम शामिल नहीं, भड़की ममता दी केंद्र से लिया पंगा

गुवाहाटी : National Register of Citizens का फाइनल ड्रॉफ्ट आज जारी कर दिया गया. NCR के स्टेट कॉर्डिनेटर स्टेट कॉडिनेटर प्रतीक हजेला ने 2.9 करोड़ लोगों के नामों की सूची आज जारी की. इस ड्रॉफ्ट के अनुसार 40 लोग असम में नागरिक नहीं हैं. हालांकि सरकार की तरफ से यह कहा गया है कि यह महज ड्राॅफ्ट है लिस्ट नहीं अत: जिनका नाम लिस्ट में नहीं है वे घबराएं नहीं और संबंधित विभाग से संपर्क करें. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे पूरी तरह ‘निष्पक्ष’ बताते हुए कहा कि जिनका नाम इसमें नहीं है उन्हें घबराने की जरुरत नहीं है. एनआरसी में शामिल होने के लिए असम में 3.29 करोड़ लोगों ने आवेदन दिया था.
भारतीय महापंजीयक शैलेश ने कहा कि इस ऐतिहासिक दस्तावेज में 40.07 लाख आवेदकों को जगह नहीं मिली है. यह ‘ऐतिहासिक दस्तावेज’ असम का निवासी होने का प्रमाण पत्र होगा. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एनआरसी जारी होने के मद्देनजर एहतियातन राज्य के सभी 33 जिलों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेद्याज्ञा लागू कर दी गई है. राज्य में सभी एनआरसी सेवा केंद्रों में अंतिम मसौदा उपलब्ध है. आवेदक एनआरसी की वेबसाइट पर भी इसे देख सकते हैं या 24×7 टॉल फ्री नंबर असम के लिए 15107 और असम के बाहर के लिए 18003453762 पर फोन कर सकते हैं तथा अपना 21 अंकों का एप्लीकेशन रिसीप्ट नंबर बताकर जानकारी हासिल कर सकते हैं.
गौरतलब है कि जमीनी स्तर पर काम दिसंबर 2013 में शुरू हुआ था और पिछले तीन वर्षों में इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट  में 40 सुनवाई हुई. एनआरसी की आवेदन प्रक्रिया मई 2015 में शुरू हुई थी और अभी तक पूरे असम से 68.27 लाख परिवारों के द्वारा कुल 6.5 करोड़ दस्तावेज प्राप्त किए गए हैं.
ममता बनर्जी ने कहा नागरिकों को बेदखल करने की साजिश
एनसीआर के मुद्दे पर ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से पंगा ले लिया है और कहा है कि सरकार वोट की राजनीति के लिए षडयंत्र के तहत असम से बंगालियों और बिहारियों को निकालने के लिए ऐसा कर रही है. इसका प्रभाव बंगाल पर पड़ेगा. उन्होंने गृहमंत्री से इस मामले में दखल देने को कहा है.
क्या है National Register of Citizens 
National Register of Citizens या भारतीय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर उन लोगों का रिकॉर्ड है जो भारत के नागरिक हैं. इस रजिस्टर का निर्माण 1951 में पहली जनगणना के बाद हुआ था. असम देश में एकमात्र ऐसा राज्य है जहां के नागरिकों का नाम इस रजिस्टर में दर्ज है. वर्ष 1980 में असम में यह मांग उठी कि इस लिस्ट को अपडेट किया जाये. कारण यह था कि बांग्लादेश से गलत अवैध तरीके से बांग्लादेशी भारत आकर रह रहे थे. उस वक्त यह कहा गया कि 25 मार्च, 1971 से पहले जो लोग असम में रह रहे हैं उन्हें ही बांग्लादेश का नागरिक माना जाये, शेष लोगों को बाहरी बताया जाये.NRC के को लेकर लगातार विवाद होने के बाद 17 दिसंबर 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया कि 30 जून तक फाइनल ड्रॉफ्ट प्रकाशित कर दिया जाये. लेकिन बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने ज्यादा समय मांगा. इस वर्ष  जनवरी माह में NRC का पहला ड्रॉफ्ट जारी हुआ था, जिसमें 1.9 करोड़ को भारत का नागरिक बताया गया, जबकि असम की जनसंख्या 3.9 करोड़ है. इसमें उन लोगों के नाम शामिल हैं जिन्होंने NRC का फॉर्म भरा था. आज NRC  का फाइनल ड्रॉफ्ट जारी हुआ है, जिसमें उन लोगों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने यह प्रमाण दिया है कि उनका परिवार यहां 1971 से पहले से रह रहा है. फाइनल ड्रॉफ्ट में 40 लाख लोगों को बाहरी बताया गया है, हालांकि अभी भी इनके पास अवसर है कि वे प्रमाण देकर अपना नाम NRC में दाखिल करवा लें.

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