टि्वंकल तोमर सिंह की कविताएं

टि्वंकल तोमर सिंह हिंदी की उभरती कवियित्री हैं. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से उन्होंने अंग्रेजी साहित्य और पोलिटिकल साइंस में एमए किया है. सम्प्रति वे स्कूल में शिक्षिका हैं. वे एक ब्लॉग भी चला रही हैं, जिसका लिंक नीचे दिया हुआ है:

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इनकी कविताओ की सबसे बड़ी विशेषता है सादगी. स्त्री मन की आकाँक्षाओं, उनकी उद्दाम भावनाओं को वे स्पष्ट भाव के साथ व्यक्त करती हैं. इनकी कविताओं में आशा की किरण है, परिस्थितियों से लड़ने का माद्दा है, जीवन जीने की ख़ुशी है, ललक है, और सफल होने की चाह है. आप भी पढ़ें इस उभरती हुई कवियित्री की कवितायें.

सीढ़ियां

वो सीढ़ियां
जो दिखती तो थी
जाती हुई कहीं
पर पहुंचती कहीं नही थी
उनकी पहली ही
पायदान पर लिखा था
इन पर चढ़ना मना है !

वो स्त्रीरूपा
बौनी सी इन सीढ़ियों
के सामने
ठिठकी सी देखती है
जिसे जाने की चाह तो है
कहीं ऊपर
पर उसके पहले ही
कदम पर लिखा है
उसे आगे जाना मना है!

मोहिनी

मेरे अदृश्य पंखों पर
आकाश नृत्य करता है

मेरे पैरों के नीचे बिछ के
धरती पालना झुलाती है

मेरी आँखें जहाँ रुके
दृश्य चित्रों में ढल जाते है

मेरी हंसी की थाप पर
नव ग्रह ठुमक कर चलते है !

वो पल

वो पल

ओह!
वो पल

जब धरती के
बंधन फिसल गये है
और मेरे अदृश्य पंखों पर
आकाश ने नृत्य किया है

सूर्य किरणों से
विभाजित बादलों में से
मैनें गुजरना चाहा है

मैनें पहाड़ों पर
मचलती हवा का
पीछा किया है
जहां कभी भी
क्रीड़ा कौतुक पक्षी भी
उड़ नहीं सका

मैनें नापी है अंतरिक्ष की उच्चता
ब्रह्मांड की अप्रत्याशित पवित्रता,

मेरा विश्वास करो,
मैनें भगवान के चेहरे को छुआ है !

अहम

अहम

कभी अहम्
चढ़ बैठता है
हृदय पर !

कभी हृदय
हावी हो जाता है
अहम् पर!

अहम् पर
दांव लगाने वाले
कसक बटोर पाते है
अपनी पोटली में !

अहम् हार कर
खेलने वाले जुआरी
खाली हाथ नहीं
हृदय जीत के जाते है !

दुखों की संजीवनी

चोट
खाये हुये लोग
खतरनाक हैं
क्योंकि वे सीख गये है
कैसे जीवित रहना है,
और यदि
आपको ईश्वर ने
दुखों का प्रसाद नही दिया
तो आप नहीं जानते
कि ऐसे जीवित रहना
हर रोज
जीवित रहने भर
मगर संजीविनी चखने जैसा है!

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4 thoughts on “टि्वंकल तोमर सिंह की कविताएं

  • August 1, 2018 at 09:45
    Permalink

    पढ़ कर बहुत ही आनंद आया।
    मैम वास्तव में आप एक प्रेरणादायक लेखिका के रूप में सामने आई।

    Reply
  • August 1, 2018 at 09:54
    Permalink

    गजब लेखन ।
    🙏

    Reply
  • August 1, 2018 at 12:49
    Permalink

    क्या बात है ट्विंकल..!!
    मन आंनदित हो गया।
    अच्छा लगता है अपने मित्र को इस प्रकार के कार्य करते देखना। हमेशा खुश रहो।

    Reply
  • August 2, 2018 at 09:19
    Permalink

    स्त्रीरूपा के अमृत महोत्सव
    मंगल, मंगल हो ,
    लेखनी की चरैवेति पर शुभकामनाएं आदरणीय ट्विंकल तोमर सिंह जी

    Reply

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