अपनी गाड़ियों पर हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेट लगाएं या फिर जुर्माना भरने के लिए तैयार रहें

बिहार में एक अगस्त से पहले वाहनों पर हाई सिक्योरिटी निबंधन प्लेट (एचएसआरपी) लगवाना अनिवार्य है. नियम का उल्लंघन करने पर पांच सौ रुपए तक जुर्माना या फिर एक माह की सजा हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने परिवहन नियमों का सख्ती से पालने करने के लिए सरकार को निर्देश दिया है. कोर्ट की सख्ती का आलम ये है कि पटना में सेंटरों पर लोग वाहनों पर सिक्योरिटी प्लेट लगाने के लिए लाइन में खड़े होकर रसीद कटवा रहे हैं. लेकिन, ये सख्ती किसके लिए है ? आम आदमी या फिर बिहार सरकार के सभी विभागों के आलाधिकारियों के लिए या दोनों के लिए ?  आम लोग गाड़ी में नंबर लगाने के लिए जहां परेशान हैं, वहीं पर सरकारी वाहनों पर नंबर लगाने के लिए प्राइमरी स्तर पर ही कोई काम नहीं हुआ है. इस संबंध में डीटीओ ऑफिस में कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि 1 अगस्त आ गया है . ऐसे में एचएसआरपी लगाने के लिए आम लोग ही नहीं एक्टिव हैं तो सरकारी गाड़ियों की बात कौन कहे, उनको न तो ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग का डर है और न ही किसी तरह के जुर्माने का. यदि जुर्माना लगा भी तो सरकार ही भरेगी.

 

139 रुपए में बन रहा है नंबर प्लेट, मगर तारीख-दर-तारीख के बावजूद किसी को फुर्सत नहीं

एचएसआरपी लगाने के लिए दो व चार पहिया वाहनों के लिए अलग-अलग रेट हैं.  दो पहिया गाड़ियों के लिए 139, तीन पहिया गाड़ियों के लिए 172, चार पहिया गाड़ियों के लिए 355, टेलर जैसे वाहनों के लिए 328 और कृषि संबंधित गाड़ियों के लिए 148 रुपए निर्धारित किए गए हैं. रसीद कटवाते समय गाड़ी के कागज की फोटो कॉपी लाना अनिवार्य है. पैसे जमा करने के 10 से 12 दिन बाद नंबर प्लेट लगाया जा रहा है. नियमानुसार रसीद कटने के 24 से 48 घंटे बाद ही निर्धारित सेंटर पर प्लेट लगाए जाते हैं. वैसे प्रदेश में वाहनों पर एचएसआरपी लगवाने की रफ्तार धीमी है. वर्ष 2012 से अबतक पटना में लगभग ढाई लाख गाड़ियों पर ही नंबर प्लेट लगाए गए हैं जबकि पटना में गाड़ियों की संख्या लगभग 15 लाख है.

 

जुर्माने के साथ सजा होगी

बिना एचएसआरपी वाहन पकड़े जाने पर 500 रुपए का जुर्माना या एक माह की सजा हो सकती है, या फिर दोनों हो सकती है। दूसरी बार पकड़े जाने पर जुर्माना राशि बढ़कर 800 रुपए हो जाएगी। 1988 की धारा 179 के उल्लंघन में 500 रुपए जुर्माना, धारा 177 में प्रथम अपराध के लिए 100 रुपए व दूसरे अपराध के लिए 300 रुपए जुर्माना का प्रावधान है। गलत सूचना देने पर 179 भी जुड़ जाएगी।

जानिये कहाँ कहाँ लगाए जा रहे नंबर प्लेट

राजधानी के पांच सेंटर पर एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाए जा रहे हैं. इसमें बोरिंग कैनाल रोड पर स्थित हाउस नंबर-दो, मिहिर पथ, कुर्जी स्थित पाया नंबर-89 के सामने, डाक बाबा मंदिर के सामने, कृष्णापुरम में आरपीएस मोड़ पर आर्य समाज मंदिर की गली में, दीघा आशियाना रोड पर नेटको टाइल्स वाले मकान में, जीरो माइल पर कृष्णा निकेतन स्कूल की गली में प्लेट लगाए जा रहे हैं.

जल्द ही रिलज्ट दिखेगा

हाई सिक्योरिटी निबंधन प्लेट वाहनों में लगाना अनिवार्य है. प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में उपलब्ध वाहनों पर प्लेट लगाने के लिए काम किया जा रहा है. जल्द ही इसका रिजल्ट सामने दिखाई देगा.  संतोष कुमार निराला, परिवहन मंत्री ने आश्वासन दिया.

 

फायदेमंद है हाई सिक्यूरिटी नंबर:

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बेहद फायदेमंद होती है. इससे वारदातों और हादसों पर लगाम लगेगी. चौंक गए जानकर! लेकिन ये सच है. क्रोमियम होलोग्राम वाले हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट में सात डिजिट का लेजर कोड यूनीक रजिस्ट्रेशन नंबर होता है.

इस नंबर के जरिये किसी भी हादसे या आपराधिक वारदात होने की स्थिति में वाहन और इसके मालिक के बारे में तमाम जानकारियां उपलब्ध होंगी. नंबर प्लेट पर आईएनडी लिखा होता है, साथ ही क्रोमियम प्लेटेड नंबर और इंबॉस होने की वजह से नंबर प्लेट को रात के वक्त भी वाहनों पर कैमरे के जरिये नजर रखना संभव होगा.

कई बार अपराधी वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ छेड़छाड़ कर भी फायदा उठा लेते थे, लेकिन हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर ऐसा करना संभव नहीं होगा.

लेजर डिटेक्टर कैमरा के लगाने के बाद किसी भी वाहन के बारे में कभी भी आसानी से पता लगाना संभव होगा और देश भर में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के लगाने के साथ ही इंजन, चेसिस नंबर सहित तमाम यूनीक जानकारियां भी नेशनल डाटाबेस में होंगी, जो पूरे देश के वाहनों का एक सेंट्रलाइज्ड रिकॉर्ड होगा.


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