समान स्कूल प्रणाली: मुचकुंद दुबे रिपोर्ट का क्या हुआ? पटना हाई कोर्ट ने सवाल किया.

बिहार  के विद्यालयों में समान स्कूल प्रणाली को लेकर गठित मुचकुंद दूबे आयोग की अनुशंसाओं  को लागू करने के लिए  दायर लोकहित याचिका पर सोमवार को पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने आॅल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन की ओर से दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब देने को कहा है.
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार के संकल्प के अनुसार  आठ अगस्त, 2006 को  सूबे में समान स्कूल प्रणाली को शुरू करने और शिक्षा के  वैश्वीकरण के लिए,  भारत के पूर्व विदेश सचिव मुचकुंद दूबे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया गया था.
उस आयोग में तत्कालीन शिक्षा सचिव मदन मोहन झा और शिक्षाविद प्रो अनिल सदगोपाल बतौर सदस्य  शामिल किये गये थे. आठ जून, 2007 को इस आयोग ने राज्य सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट  सौंपते हुए  बिहार में भी  समान स्कूल प्रणाली लागू करने का अनुशंसा की. समान स्कूली प्रणाली को लागू करने की अनुशंसा के 11 वर्ष से अधिक  का समय बीत जाने के बाद भी  इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गयी. सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में  डाल दिया है. राज्य सरकार ने  छात्रसंघ की ओर से दायर की गयी याचिका पर आपत्ति व्यक्त की.  इस मामले में राज्य सरकार की आपत्ति को  खारिज करते हुए जवाब तलब किया. अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद निर्धारित की है.

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