रात में दीपक दोस्तों के यहाँ निकला; सुबह उसकी मौत की खबर मिली. माँ बीमा भारती दर्द में विक्षिप्त

पूर्णिया के रुपौली से जदयू विधायक एवं पूर्व मंत्री बीमा भारती के जवान बेटे दीपक (21 वर्ष) का शव मिलने के बाद से राजनीति गरमाई हुई है. उसके सर के आगे और पीछे चोट के गंभीर निशाँ पाए गए हैं. पहले इसे आत्महत्या का एंगल देने की कोशिश की गयी, पर अब दीपक की ह्त्या का शक किया जा रहा है.

पुलिस ने दीपक के दो दोस्तों ऋतिक रोशन और मृत्युंजय कुमार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. उधर अवधेश मंडल ने कहा है कि पूर्व विधायक शंकर सिंह समेत पांच लोगो ने उनके बेटे की हत्या की है. अवधेश मंडल ने बताया कि उनके माता पिता की भी ह्त्या 2003 में कर दी गयी थी. जब वे मेरे बूढ़े माँ बाप की ह्त्या कर सकते हैं, तो बेटे को भी मार सकते हैं. राजनीतिक साजिश के तहत मेरे बेटे की ह्त्या की गयी है. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सुरक्षा बढाने की मांग की. अवधेश मंडल ने बताया कि उनके बेटे को पहले धमकी भरा फ़ोन आया था.

अवधेश मंडल और पूर्व विधायक के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी:

अवधेश मंडल और शंकर सिंह के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई काफी पुरानी है. जानकारों के अनुसार, दीपक इसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा की भेंट चढ़ गया. रुपौली के पूर्व विधायक शंकर सिंह नार्थ लिबरेशन आर्मी से जुड़े हुए हैं. जबकि अवधेश मंडल फैजान गिरोह के सरगना हैं. नार्थ लिबरेशन आर्मी का गठन बूटन सिंह ने किया था. लेकिन 2000 में बूटन सिंह की हत्या के बाद लिबरेशन आर्मी की कमान शंकर सिंह के हाथों में आ गयी थी. शंकर सिंह लोजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े थे और विजयी हुए थे. इसके बाद लिबरेशन आर्मी का प्रभाव क्षेत्र में बढ़ने लगा. इसी दौरान फैजान गिरोह के सरगना अवधेश मंडल ने शंकर सिंह और नार्थ लिबरेशन आर्मी को चुनौती दी. अवधेश मंडल ने शंकर सिंह के वर्चस्व को ख़त्म किया और राजनीति से भी जुड़ गए. वे जिला पार्षद बने. फिर उन्होंने अपनी पत्नी बीमा भारती को राजनीति में विधान सभा का चुनाव लडवाया. और बीमा भारती न केवल विधायक बनीं, बल्कि मंत्री भी बनीं.

उधर शंकर सिंह ने कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से इस मामले में फंसाया जा रहा है. जबकि सच्चाई यह है कि दीपक की मौत प्रेम प्रसंग में हुई है. इससे पहले उन्हें अवधेश मंडल के माता पिता की ह्त्या के मामले में भी फंसाया गया था, पर कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया.

जब अवधेश मंडल को बेटे की मौत की सूचना मिली, उस समय वे पूर्णिया में भवानीपुर में अपने दुसरे मकान में थे. वे यहाँ अपनी दूसरी पत्नी गुडिया के साथ रहते हैं.

अच्छे सम्बन्ध नहीं हैं बीमा भारती और अवधेश मंडल के बीच:

बीमा भारती और उनके पति अवधेश मंडल के बीच संबंधों में खटास आ गयी है. अवधेश मंडल ने दो साल पहले अपनी पत्नी की पिटाई कर दी थी, जिसमे बीमा भारती बुरी तरह जख्मी हो गयी थीं. इस मामले में मंडल को गिरफ्तार भी किया गया था. उनके खिलाफ कई अपराधिक मामले चल रहे हैं. तीन महिना पहले वे जमानत पर रिहा हुए हैं. पूर्व में भी बीमा भारती आरोप लगा चुकी हैं कि अवधेश मंडल बेटे की ह्त्या करवा सकते हैं.

इससे पहले लगभग चार साल पहले जहर खाने को लेकर छोटा बेटा सुर्ख़ियों में आया था. उस समय गाँव में धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था , जब छोटे बेटे राजा को गंभीर हालत में पूर्णिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पति से अनबन चल रही थी. बीमा भारती ने पति पर बेटे को समोसा में जहर मिलाकर खिलाने का आरोप लगाया था. इस मामले को लेकर बहुत दिनों तक विवाद रहा और पति पत्नी में दूरी बढती गयी.

 

मौत के पीछे प्रेम प्रसंग का कोण:

शुक्रवार को विधायक और पूर्व मंत्री बीमा भारती के बेटे दीपक कुमार का शव हार्डिंग रोड स्थित आवास पर पहुँच गया, जहाँ शव को देखते ही माँ की तबियत खराब होने लगी. लोगों का ताँता लगा रहा. रुपौली विधान सभा क्षेत्र से लोग जुटने लगे. अवधेश मंडल भी पटना पहुँच गए.

इस बीच चर्चा ये भी चल रही है कि दीपक की हत्या के पीछे कहीं प्रेम प्रसंग तो नहीं है? पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है. सवाल अभी बने हुए हैं. बताया जाता है कि गाँव की ही एक लड़की से दीपक की काफी नजदीकी थी. लड़की चंडीगढ़ में पढ़ती है. दीपक उससे मिलने अक्सर चंडीगढ़ जाया करता था. कुछ लोगों का यहाँ तक कहना है कि दोनों ने एक महिना पहले शादी कर ली. इस बात का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीरें वायरल हुई. जब इस बात की भनक दोनों के परिवार वालों को लगी तो दोनों परिवार राजी नहीं हुए. इस बात को लेकर दोनों परिवारों में अनबन चल रही थी. मामले को सुलझाने के लिए सामाजिक पहल भी की गयी, पर कोई नतीजा नहीं निकला.

 

दोस्त की बाईक पर लॉज में गया था:

दीपक ने मैट्रिक के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी. वो माँ बीमा भारती के  हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास में रह रहा था. वह वृहस्पतिवार को साढ़े नौ बजे अपने दोस्त ऋतिक रोशन के साथ बाइक पर बैठ कर उसके बहादुरपुर के महावीर कॉलोनी स्थित डेरे पर गया था. जाने से पहले वो बोल कर गया था कि शुक्रवार की सुबह वो घर लौट आएगा. पर शुक्रवार की सुबह छह बजे बीमा भारती को बेटे की मौत की सूचना मिली. ऋतिक के साथ ही एक और दोस्त मृत्युंजय भी लॉज में रहता है. पुलिस दोनों दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. दोनों ने बताया कि जब उन दोनों की नींद खुली तो दीपक कमरे में नहीं था. इसके बाद जब मोबाइल पर कॉल किया, तो दुसरे आदमी ने फ़ोन उठाया और दीपक की मौत की जानकारी दी.

ऐसे में कई सवाल उठ खड़े हुए हैं 

  • दीपक इतनी रात को अपने दोस्त के घर क्यों गया था?
  • वह बिना बताये लॉज से बाहर क्यों निकल गया?
  • क्या उसे किसी ने फ़ोन करके बाहर बुलाया था?
  • रेलवे लाइन के पास वो क्या करने गया था?

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