क़ानूनी सहायता के अभाव में बच्चियां बालिका गृहों से निकल नही पा रही थीं. सीबीआई जांच से सफेदपोशों के खुलासा होने की उम्मीद

ब्रजेश ठाकुर का मुजफ्फरपुर बालिका गृह न केवल मासूम बच्चियों के यौन शोषण का अड्डा था, बल्कि भ्रष्टाचार का भी अड्डा था. TISS के रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि वहां बच्चियों को अपने रिश्तेदारों से मिलने नहीं दिया जाता था, जब तक कि रिश्तेदार वहां के कर्मचारियों को घुस नहीं दे देते थे. बिना पैसे के कोर्ट में भी बच्चियों को मिलने नहीं दिया जाता था. रिपोर्ट के अनुसार बच्चियों को घर भेजने में भी कोताही बरती जाती थी. अवधि पूरी हो जाने के बाद भी उन्हें बाहर नहीं भेजा जाता था.

रोगी कल्याण समिति से ब्रजेश ठाकुर को हटाया गया:

इस बीच ब्रजेश ठाकुर को जिले के रोगी कल्याण समिति से जिलाधिकारी के आदेश पर हटा दिया गया है. अब तक की जांच से पता चला है कि ब्रजेश ठाकुर कई एनजीओ का मालिक है. फिलहाल वह सेवा संकल्प विकास समिति एनजीओ के नाम पर इसमें सदस्य बना हुआ था. सूत्रों के अनुसार, रोगी कल्याण समिति में बतौर सदस्य उसकी अस्पताल प्रशासन पर मज़बूत पकड़ थी.

जुवेनाइल जस्टिस एक्ट का उल्लंघन:

TISS की रिपोर्ट में इस बात का स्पष्ट जिक्र है कि न सिर्फ मुजफ्फरपुर बल्कि बिहार के सभी बालिका गृहों में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है.  बालिका गृहों में बच्चियों को कानूनी सहायता उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है. इसके चलते वे लम्बे समय तक इन बालिका गृहों से छूट नहीं पा रही हैं. बालिका गृहों का लोकल लीगल एजेंसी के साथ टाई अप भी नहीं किया गया है. इसके अलावा बाल अपराध की शिकार बच्चियों को अलग से रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी. जबकि जुवेनाइल एक्ट के सेक्शन 49 में इसका स्पष्ट तौर पर उल्लेख है.

सीबीआई दिन भर दस्तावेज खंगालती रही, समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों से भी पूछताछ जारी रही:

इस बीच सीबीआई की टीम ने समाज कल्याण विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए गए दस्तावेजों को खंगाला और इसके साथ ही विभाग के अधिकारियों की सूची भी तैयार की जा रही है, जिनसे गहन पूछताछ की जाएगी. ऐसे अधिकारीयों पर विशेष नज़र रखी जा रही है, जिन्होंने ब्रजेश ठाकुर की संस्थाओं को लाभ पहुंचाया. समाज कल्याण विभाग के अलावा स्वास्थ विभाग से भी ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ को बहुत काम मिले. इसलिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी सीबीआई के रडार पर हैं.

सीबीआई जल्द ही पीड़ित बच्चियों से बातचीत करके उनके बयान दर्ज करेगी. सीबीआई की महिला अफसर इस काम को पूरा करेंगी.

इस बीच सीबीआई ब्रजेश ठाकुर की संस्था सेवा संकल्प एवं विकास समिति को बालिका गृह के सञ्चालन का ठेका दिए जाने, इसके एवज में किये गए भुगतान, विभाग द्वारा बालिका गृह की देखरेख की व्यवस्था समेत अनेक पहलुओं की जांच में जुटी हुई है.

उम्मीद है आने वाले दिनों में कई राज पर से पर्दा उठेगा.

 


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