मुजफ्फरपुर बालिका गृह केस: मंजू वर्मा का दोष साबित होने पर वे भी नपेंगी: नीतीश

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को दो टूक कहा कि हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच कर रही है. जो भी दोषी  होगा, बचेगा नहीं, चाहे मंत्री ही क्यों नहीं हों. उन्होंने कहा कि जो लोग घरना दे रहे थे और कैंडिल मार्च निकाल रहे थे, जरा उनके बारे में पता कर लीजिए महिलाओं के बारे में उनका क्या नजरिया  रहा है.

धरने पर बैठे  लोग हंसते हैं क्या? मुख्यमंत्री सोमवार को लोक संवाद के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे. इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी मौजूद थे. नीतीश  कुमार ने कहा कि मुजफ्फरपुर मामले में मेरी चुप्पी को लेकर भ्रम फैलाया गया. मुझे अकारण बोलने की आदत नहीं  है.

सदन में सरकार की तरफ से संसदीय कार्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री ने  उत्तर  दिया. मैं खुद मौजूद था. तब चुप्पी का सवाल कहां है? उन्होंने कहा कि यह मामला जघन्य  और घृणित है. सभी   बिहारियों को इस घटना से शर्मिंदगी  महसूस हुई है. मंत्री हो या कोई और भी, दोषी पाये गये तो बचेंगे नहीं.

उन्होंने  कहा कि  सभी लोग कह रहे कि इस बारे में सबको पता था.  अगर किसी को पहले से इसकी जानकारी थी तो लोगों ने बताया क्यों नहीं?  आज जो लोग शोर मचा रहे, आरोप लगा रहे, वे पहले कहां थे? इस मुद्दे पर कुछ लोग प्रवचन तो बहुत देते हैं, लेकिन प्रवचन देने वाले यह  भी बता दें कि पूरे देश में  शेल्टर की क्या स्थिति है?

बिहार पहला राज्य है, जिसने सोशल ऑडिट कराया है. उन्होंने कहा कि लोग समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा  और  उनके पति पर आरोप लगा रहे हैं. मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने इससे इन्कार किया है.  जांच चल रही है जो दोषी होंगे, वे अंदर जायेंगे. कोई नहीं बचेगा. आधारहीन आरोपों को कैसे सही बताया जाये.

समाज कल्याण मंत्री के इस्तीफे की चर्चा पर सीएम ने कहा कि अगर वे दोषी होंगी तो वे भी जायेंगी. अकारण किसी पर कार्रवाई नहीं की जायेगी. मंत्री ने भी अपना पक्ष रखा है. राज्यपाल के पत्र  और बीजेपी नेता सीपी ठाकुर की ओर से मंजू वर्मा के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा कि सबको बोलने का अधिकार है. भाजपा सांसद ने जो भी कहा, उसमें ऐसा कुछ नहीं है कि उस पर प्रतिक्रिया  दी जाये.

दिल्ली में धरना सिर्फ इसलिए हुआ कि देश में भ्रष्टाचार कोई मुद्दा न रहे

दिल्ली  में तेजस्वी यादव की अगुआई में विपक्षी नेताओं के कैंडल मार्च पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने महिलाओं को अपशब्द कहे, वे कैंडल मार्च कर रहे हैं. दिल्ली में  धरना सिर्फ इसलिए  हुआ कि देश में भ्रष्टाचार कोई मुद्दा न रहे. विपक्ष इस पर गंभीर नहीं  है.

घरना इसलिए दे रहे हैं  कि माल बनाओ और सत्ता में बने रहो. भ्रष्टाचार कोई मुद्दा ही न रहे. जो लोग खुद चार्डशीटेड हैं. समन जारी है, भ्रष्टाचार के आरोपित हैं, वे राजनीतिक निशाना  साध रहे हैं.

उन्हें  कोई चिंता नहीं है. अगर चिंता रहती तो राजनीति नहीं करते. इस तरह की घटना फिर न हो, इसके लिए अभियान चलाते. इस घटना का सिर्फ राजनीतिक इस्तेमाल हो रहा है. लेकिन जनता सब देख रही है. मैं कमिटमेंट के साथ काम करता हूं. जाति को आगे करने की परंपरा हो गयी है. पता कर लीजिए  कब से यह सब हो रहा था.

अब एनजीओ नहीं सरकार चलायेगी शेल्टर होम

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी  तरह के शेल्टर होम को अब एनजीओ के  माध्यम से संचालित नहीं किया जायेगा. सरकार इसे खुद अपनी एजेंसी के माध्यम  से चलायेगी. इसके लिए स्टाफ की नियुक्ति होगी. भवन का निर्माण होगा.  चरणबद्ध तरीके यह काम होगा. सभी जिलों के डीएम और एसपी को शेल्टर होम की  जांच का आदेश दिया गया है.


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