राज्य में हथकरघा उद्योग को जीवन देने के लिए नीतीश का महती प्रयास

पटना : बिहार में हथकरघा उद्योग को जीवन देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई घोषणाएं की हैं.  उन्होंने कहा है कि बतौर कार्यशील पूंजी प्रत्येक बुनकर को 10 हजार रुपये उपलब्ध करवाये जायेंगे. हस्तकरघा बुनकरों के सभी लूम अब 68 ईंच के फ्रेम वाले लूम में बदल दिये जायेंगे. बैंकों से बातचीत कर उनके ऋणों का वन टाइम सेटलमेंट करवाया जायेगा. हस्तकरघा उत्पादों पर बिहार के बुनकरों को सरकार खादी के समान सब्सिडी देगी. खादी पर फिलहाल सरकार 20 प्रतिशत सब्सिडी देती है. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत बुनकरों का अंशदान अब राज्य सरकार देगी. मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस समारोह के दौरान अधिवेशन भवन में कहीं.

इस दौरान उन्होंने पांच लाभुक बुनकरों को 68 ईंच फ्रेम लूम का वितरण किया. यह लूम वितरण के 500 लाभुकों की सूची का विमोचन किया. बिहार राज्य हस्तकरघा बुनकर सहयोग संघ लिमिटेड, पटना की वेबसाइट का उद्घाटन किया. हस्तकरघा एवं रेशम भवन भागलपुर, बिहारशरीफ, नालंदा में बुनकर प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र, पालीगंज सिगोड़ी में सामान्य सुलभ सुविधा केंद्र का शिलान्यास किया.

आरक्षण की मांग का किया समर्थन
एक छात्रा मल्लिका आरफी की तरफ से अंसारी समाज को आरक्षण देने की मांग पर नीतीश कुमार ने कहा कि सिर्फ अंसारी ही नहीं बुनकर समाज में शामिल सभी सात वर्ग के गरीबों को आरक्षण मिले. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज में जो लोग ऐसे तबके से हैं, उन्हें अनुसूचित जाति में शामिल किया जाना चाहिए, लेकिन ये मसला राज्य सरकार का नहीं है. आरक्षण की मांग हो रही है तो आज नहीं तो कल उनकी मांगें जरूर सुनी जायेंगी. इस दौरान नीतीश कुमार ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि गरीब आदमी कभी गड़बड़ नहीं करता है. जो प्रभावशाली होता है और जिसे सत्ता का लालच होता है वो गड़बड़ करता है.

सरकारी कार्यालयों में हस्तकरघा निर्मित होंगे परदा, चादर और टेबुल क्लॉथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के तमाम सरकारी अस्पतालों के बाद अब सभी कार्यालयों में भी हस्तकरघा निर्मित चादर, परदा और टेबुल क्लॉथ के इस्तेमाल का आदेश दिया गया है. वहीं पूर्व मध्य रेलवे से चादर और तकिया कवर का ऑर्डर मिलने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल मंत्री रहने के दौरान ही उन्होंने यह व्यवस्था की थी जो अब लागू हुई. हस्तकरघा निर्मित सामान की मांग बढ़ने पर उन्होंने कहा कि इससे बुनकरों का रोजी-रोजगार बढ़ेगा.

हस्तकरघा बुनकर का होगा यूनिक आईडी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हरेक हस्तकरघा बुनकर का यूनिक आईडी नंबर होगा. यह नंबर उसके द्वारा तैयार किये गये उत्पाद पर भी दर्ज होगा. इससे सरकार को पता रहेगा कि संबंधित उत्पाद किस बुनकर ने तैयार किया है. इससे उत्पाद की एवज में रकम का भुगतान सीधे बुनकर के बैंक खाते में किया जा सकेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि हस्तकरघा बुनकर सहयोग समितियों और संघों के चुनाव का खर्च सरकार खुद वहन करेगी, लेकिन चुनाव समय पर होना चाहिए. उन्होंने उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ.एस.सिद्धार्थ को चुनाव कराने वाली संस्था को भुगतान करने का आदेश भी दिया.

 


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