एम्स पटना तैयार मरीजों के इलाज़ के लिए

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना में इमरजेंसी सुविधा आरंभ होने के बाद अब यह पूरी तरह तैयार हो गया है।

पटना : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना में इमरजेंसी सुविधा आरंभ होने के बाद अब यह पूरी तरह तैयार हो गया है। मरीजों के लिए ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी सुविधा आरंभ हो गई है। दोनों व्यवस्था के लिए रोस्टर बनाकर डॉक्टरों की तैनाती की गई है। पटना एम्स दिल्ली के एम्स की तर्ज पर मरीजों को सुविधा देगा। इसके लिए अस्पताल में 117 वरीय चिकित्सकों के साथ-साथ सीनियर रेजिडेंट व जूनियर रेजिडेंट अपनी सेवा दे रहे हैं। बाहर से आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, इसके लिए छह निबंधन काउंटर बनाए गए हैं। इसमें दो पुरुष व दो महिलाओं के लिए बनाए गए हैं। जबकि एक-एक काउंटर कर्मचारी व सीनियर सिटीजन्स के लिए हैं। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन टाइम लेकर पहुंचने वाले मरीजों के लिए भी राशि जमा के लिए काउंटर खोले गए है।

घटेगा  पीएमसीएच व आइजीआइएमएस का लोड :

एम्स के ट्रॉमा में 55 और इमरजेंसी में 60 बेड हैं, जबकि राजधानी में इंदिरा गांधी इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आइजीआइएमएस) में 60 और पीएमसीएच में 100 मरीजों की इमरजेंसी में इलाज की सुविधा है। आइजीआइएमएस में अधिक मरीज के नहीं भर्ती करने के कारण हर दिन 30-40 मरीज लौटते हैं, जबकि पीएमसीएच में आवश्यकता से कई गुना ज्यादा मरीज भर्ती होते हैं। एम्स प्रशासन की ओर से चुनौती कम करने के लिए इमरजेंसी भवन में ही मरीजों के लिए पंजीयन की व्यवस्था की गई है। इससे पीएमसीएच व आइजीआइएमएस की लोड घटेगा।


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.