ब्रजेश ठाकुर पर सीबीआई का कसता शिकंजा, ब्रजेश ठाकुर की सहयोगी मधु नेपाल से गिरफ्तार

पटना : मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड मामले में सीबीआई ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए मुजफ्फरपुर जेल अधीक्षक से मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर की हेल्थ रिपोर्ट मांगी है. यह माना जा रहा है कि ब्रजेश को कोई घातक बीमारी नहीं है, जिसका इलाज जेल में नहीं हो सकता. सीबीआई उसे रिमांड पर लेने की तैयारी में दिख रही है. ब्रजेश की कॉल डिटेल से लेकर समाज कल्याण विभाग से मिले दस्तावेजों की गहन छानबीन की जा रही है. कॉल डिटेल में पटना के ही कई रसूखदार लोगों के नंबर मिले हैं. इन पर कब और कैसे सीबीआई हाथ डालेगी, इसकी तैयारी की जा रही है.

शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बंद बालिका गृह यौन शोषण कांड के आरोपित ब्रजेश ठाकुर के स्वास्थ्य की जांच रिपोर्ट में ब्लड प्रेशर और शूगर लेवल बढ़ा हुआ मिला है. ब्रजेश ने डॉक्टरों से कहा कि कमर में दर्द और पैर में झुनझुनी बनी रहती है. इसको लेकर पिछले दिनों एसकेएमसीएच में उनकी एमआरआइ भी करायी गयी थी. डॉक्टरों ने हड्डी रोग विशेषज्ञ से जांच कराने की बात कही. सीएस को सौंपी रिपोर्ट में बेहतर इलाज के लिए रेफर और गंभीर बीमारी का जिक्र नहीं किया गया है. रिपोर्ट में डॉक्टरों की टीम ने उनके स्वास्थ्य को सामान्य बताया है. जांच करने के लिए सीएस शिवचंद्र भगवान ने बैठक कर डॉक्टरों की टीम का गठन किया. बैठक में अधीक्षक डॉ मेहंदी हसन, उपाधीक्षक डॉ एनके चौधरी और सीएस खुद मौजूद थे. करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में तीन डॉक्टरों का नाम तय कर उन्हें जांच करने के लिए सेंट्रल जेल भेजने का निर्णय किया गया.

इस बीच मधु नेपाल से गिरफ्तार हो गयी:

बालिका गृह कांड के आरोपित ब्रजेश ठाकुर की करीबी मधु के नेपाल के वीरगंज से गिरफ्तार होने की चर्चा है। वह वहां के एक होटल में पहचान छिपाकर रह रही थी। गिरफ्तारी के बाद उसे किसी गुप्त स्थान पर रखकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, सीबीआइ ने इसकी पुष्टि नहीं की है। खुफिया विभाग के सूत्रों की मानें तो मधु को एक होटल से गिरफ्तार किया गया है।

बालिका गृह यौन हिंसा, स्वाधार सेल्टर होम सहित इससे जुड़े कई मामलों में मधु की तलाश थी। उसके पास आरोपित ब्रजेश से लेकर उसके फंड आवंटन, स्वाधार सेल्टर होम से गायब हुई 11 महिलाएं एवं चार बच्चों की भी पूरी जानकारी होने की बात कही जा रही है।

उसे गिरफ्तार करने के लिए सीबीआइ मुजफ्फरपुर रेडलाइट के अलावा मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर सहित अन्य कई जगहों पर छापेमारी कर चुकी है। इस बीच उसके नेपाल के एक होटल में छिप कर रहने की बात सामने आई।

पूछताछ में खुलेंगे कई राज 

मधु की गिरफ्तारी से आरोपित ब्रजेश ठाकुर व पूरे प्रकरण से जुड़े कई राज पर से पर्दा हटने की उम्मीद जताई जा रही है। ब्रजेश के आर्थिक, संस्था से जुड़े सभी लोगों के मासिक भुगतान, प्रोजेक्ट की निगरानी, साहबों तक राशि पहुंचाने सहित सबकुछ मधु जानती है। मधु के पास ब्रजेश की नकद राशि भी है।

कौन है ब्रजेश की मिस्ट्री वुमेन मधु कुमारी

मधु ‘लालटेनपट्टी’ उजड़ने के बाद पहली बार ब्रजेश ठाकुर के संपर्क में आई थी. मधु ब्रजेश ठाकुर के संगठनों को देखना, चलाना करती थी.  मधु तब ब्रजेश के संपर्क में आयी थी जब 2001 में प्रशिक्षु आइपीएस अधिकारी दीपिका सूरी ने मुजफ्फरपुर के रेडलाइट एरिया चतुर्भुज स्थान इलाके में चल रहे देह व्यापार को ‘ऑपरेशन उजाला’ चलाकर खत्म कर  दिया था. अभियान में कई तहखाने मिले, जहां लड़कियों को छुपाकर रखा गया था. मुख्य सरगना के रूप में अनवर मियां का नाम सामने आया.

प्रशिक्षु आइपीएस ने मोहल्ला सुधार समिति का गठन कराया. इसमें ब्रजेश ठाकुर की इंट्री हुई और मधु सहित 12 लोग इसके सदस्य बने.

मधु के हाथ संगठन की कमान

मोहल्ला सुधार समिति की देखरेख में वहां जागरूकता अभियान चलने लगा. सेवा संकल्प विकास समिति सक्रिय हुई. उसके बाद ब्रजेश ठाकुर ने वहां के समुदाय आधारित संगठन वामा शक्ति वाहिनी का गठन कर उसकी कमान मधु को दे दी. मधु के माध्यम से ब्रजेश ने वहां पैठ बनाई. बाद में बालिका सुधार गृह खुल गया. जहां लड़कियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ.


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