कैसे मनीषा दयाल रातो रात पेज थ्री सेलेब्रिटी बनी और सामाजिक सेवा के रास्ते अपना वजूद बनाया?

बिहार में मुजफ्फरपुर में ब्रजेश ठाकुर के शेल्टर होम के हॉरर स्टोरी के सामने आने के बाद मानो पूरा पिटारा खुलना शुरू हो गया है. ताजा तरीन घटनाक्रम में पटना में राजीवनगर  के आसरा शेल्टर होम में दो लड़कियों की मौत के बाद वहां की कोषाध्यक्ष मनीषा दयाल एकदम से सुर्ख़ियों में आ गयी है. सवाल उठने लगे हैं कि कैसे रातों रात मनीषा दयाल मनीषा मेडिकल की पढ़ाई करते-करते पटना की पेज थ्री सेलेब्रिटी बन गई. मेडिकल की पढ़ाई छोड़ कर मनीषा ने एमबीए किया और फिर एनजीओ का काम शुरू किया इसके बाद वो लाखों रुपये की मालकिन बन गयी.

मूल रूप से बिहार के गया की रहने वाली मनीषा ने अपनी स्कूली शिक्षा गया से हासिल की. उसके बाद मनीषा 1995 में मेडिकल की पढ़ाई के लिए पटना आ गयी. हालांकि मनीषा ने मेडिकल की पढ़ाई पूरी नहीं की और 1996 में बिजनेसमैन जीवन वर्मा के साथ उसने शादी कर ली.
शादी के बाद मनीषा ने फिर से बीकॉम में एडमिशन लेकर अपनी आगे की पढ़ाई शुरू की. उसके बाद फाइनेंस में एमबीए कर अपने पति के साथ गारमेंट का बिज़नेस में उनका हाथ बंटाने लगी.  मनीषा के प्रोफेशनल जीवन की शुरुआत सही मायने में यहीं से शुरू हुई. मनीषा अपने पति के साथ मिलकर बिजनेस को आगे बढ़ाने लगी. उनकी कंपनी के कपड़ों की सप्लाई झारखंड और बंगाल तक में होने लगी.

इसके साथ ही जैसा कि बिहार में एक ट्रेंड देखा गया है कि लोग समाज सेवा से भी जुड़ते हैं और उसे भी अपने व्यक्तिगत कार्यों के लिए भुनाते हैं. मनीषा ने भी ऐसा ही किया. वो पटना में अन्य सामाजिक संस्थाओं से जुड़ती गई. उनके जानने वाले बताते हैं कि वह  नशा मुक्ति केंद्र से जुड़ कर नशे के खिलाफ अभियान चलाने लगी. 2011 में मनीषा पिता की मृत्यु के बाद कुछ दिनों के लिए डिप्रेशन में चली गयी लेकिन उसने फिर से एक साल बाद एक शुरुआत की और अपने काम को आगे बढ़ाया. धीरे-धीरे मनीषा ने अपने काम को और आगे बढ़ाया और 2014 में उसने महिला सशक्तिकरण और शिक्षा को लेकर काम करना शुरू किया. 2016 में मनीषा ने अपने सहयोगी चिरंतन के साथ मिलकर कॉरपोरेट क्रिकेट लीग कराया और इसके बाद तो मनीषा पटना की हाई प्रोफाइल सोसाइटी की खास बनती चली गयी.

कई बड़े सामाजिक कार्यक्रमों और पेज थ्री पार्टियों में मनीषा राजनीतिक, सामाजिक जगत की कई बड़ी नामचीन हस्तियों के साथ नजर आने लगी. अनुमाया ह्यूमन रिसोर्सेज फाउंडेशन में बतौर सचिव कार्य करते हुए वो आगे बढ़ने लगी.

मनीषा अपने सहयोगी चिरंतन के साथ ही आसरा शेल्टर होम की कोषाध्यक्ष भी बनी. पटना में पिंकिशी फाउंडेशन के तहत मनीषा सावन महोत्सव, फैशन शो जैसे कार्यक्रम का आयोजन करने लगी. कुछ इस तरह मनीषा धीरे-धीरे पटना की चर्चित हस्तियों में शुमार हो गयी.

माना ये जा रहा है कि मनीषा की राजनीतिक पैठ गहरी थी, साथ ही बिहार पुलिस के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी उसके अच्छे सम्बन्ध थे.  फिलहाल, मनीषा दयाल की बिहार के पूर्व मंत्री श्याम रजक (जेडयू), पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम (आरजेडी ) और आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के साथ तस्वीर वायरल हो रही है.इस बीच  आरजेडी प्रवक्ता भाई वीरेंद्र और कांग्रेस के विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने बयान दिया है कि नेताओं के साथ कोई भी तस्वीर ले सकता है.
अब जब पुलिसिया जांच चल रही है, कुछ देर पहले मनीषा दयाल का  फेसबुक एकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया गया है.

[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.