ब्रजेश ठाकुर के प्रातः कमल अखबार के पहले पन्ने पर छपती थी सोशलाइट मनीषा दयाल

पटना.राजीवनगर के चंद्रविहार कॉलोनी में स्थित आसरा शेल्टर होम में दो संवासिनों की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि सोमवार की देर रात दो आैर संवासिनों की तबीयत बिगड़ गई। स्थिति गंभीर देख दोनों को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। इनमें एक महिला (संवासिन) की उम्र 55 वर्ष तो दूसरी नाबालिग (17 वर्ष) है। दोनों को खून की कमी, कमजोरी व अन्य परेशानी है। बार-बार चक्कर आ रहा है। बहरहाल इमरजेंसी वार्ड में दोनों संवासिनों के इलाज में डॉक्टर लगे हुए हैं। इधर, आसरा होम की दो संवासिनों पूनम भारती व बबली की मौत के मामले में गिरफ्तार एनजीओ के सचिव चिरंतन कुमार व कोषाध्यक्ष मनीषा दयाल को पुलिस ने तीन दिनों के लिए रिमांड पर ले लिया।

आसरा को मिले सरकारी अनुदान की हुई बंदरबांट:मनीषा अनुमाया ह्यूमन रिसोर्सेज फाउंडेशन के अलावा कई एनजीओ चलाती थी। पुलिस को आधा दर्जन से अधिक एनजीओ के बारे में पता चल चुका है। मजिस्ट्रेट नीलू पॉल द्वारा दर्ज केस में कहा गया है कि आसरा होम के लिए सरकार ने जो अनुदान दिया, उसकी बंदरबाट की गई।

मनीषा और चिरंतन पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा:दो संवासिनों की मौत के मामले में एनजीओ के सचिव चिरंतन कुमार, कोषाध्यक्ष मनीषा दयाल, संवासिनों का मेडिकल जांच करने के लिए प्रतिनियुक्त डॉ. अंशुमान प्रियदर्शी व नर्स खुशबू कुमारी व अन्य पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है।

एनजीओ की कोषाध्यक्ष-सचिव 3 दिन की रिमांड पर:मनीषा दयाल और चिरंतन को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने रिमांड पर सौंपने के पुलिस के अनुरोध को स्वीकार कर लिया। दोनों से पूछताछ चल रही है। सूत्रों के अनुसार मनीषा का कनेक्शन मुजफ्फरपुर महापाप के आरोपी ब्रजेश ठाकुर से भी था। इधर, 17 साल की मृतका पूनम भारती की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बीमारी से मौत की बात कही गई है। वहीं 40 साल की बबली की मौत कैसे हुई, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने ओपिनियन सुरक्षित रख लिया है। साथ ही विसरा को एफएसएल जांच के लिए भेजा जाएगा। एफएसएल रिपोर्ट के बाद ही यह खुलासा होगा कि बबली की मौत कैसे हुई

आसरा होम का रजिस्ट्रेशन हो सकता है कैंसिल:

पटना.राजीवनगर स्थित आसरा होम की दो संवासिनों की मौत के मामले की जांच शुरू हो गई है। अगर जांच में पाया गया कि वहां रह रही संवासिनों के इलाज में लापरवाही से मौत हुई तो आसरा होम का लाइसेंस रद्द हो सकता है। मनीषा जिन-जिन एनजीओ से जुड़ी है, उसका भी रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है। यही नहीं जो सरकारी अनुदान इस आसरा होम को मिला, वह किस तरह से खर्च हो रहा था। पुलिस व प्रशासन इसकी भी जांच करेगी।
प्रात:कमल के पहले पेज पर छपती थीं मनीषा की खबरें:सूत्रों के अनुसार सरकारी रकम के एक बड़े हिस्से को सचिव निरंतन कुमार और कोषाध्यक्ष मनीषा दयाल ने हड़प लिया। जांच में इस बात की भी जानकारी मिली है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के अखबार प्रात:कमल में मनीषा के पटना में होने वाले कार्यक्रम मुख्य पृष्ठ पर छपते थे। पुलिस दोनों के बीच कनेक्शन की जांच करने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार आसरा होम को दूसरे जगह शिफ्ट किया जा सकता है।

सचिव की पकड़ भी ऊपर तक:ऐसा नहीं है कि केवल मनीषा दयाल की ही पहचान वीआईपी से है। सचिव चिरंतन भी इसमें पीछे नहीं है। उसके भी कई रसूखदार लोगों से बेहतर संबंध होने की बात सामने आई है। दोनों अपनी पहचान का फायदा उठाकर सरकारी रकम ले रहे थे।

मोबाइल सीडीआर हो रही जांच:पुलिस को दोनों का मोबाइल नंबर मिल गया है। दोनों के सीडीआर को पुलिस खंगालने में जुटी है। पुलिस आसरा होम में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की भी जांच करने में जुटी है। दरअसल, पुलिस को स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां कई लोगों का आना-जाना रहता है। दोनों के सीडीआर में कई वीआईपी से बातचीत होने की बात भी सामने आई है। फिलहाल पुलिस वीआईपी लोगों के नाम नहीं बता रही है।

कौन आता था स्विफ्ट कार से:पुलिस इस बात की जांच करने में जुटी है कि आखिर रात में कौन स्विफ्ट कार से आता था। पुलिस आसरा होम के साथ ही आसपास के घरों में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को देखने में जुटी है। अगर पुलिस को उस कार का रजिस्ट्रेशन नंबर मिल गया तो वह उनलोगों के बारे में जांच करेगी। पुलिस की नजर मनीषा के फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया पर भी है। सूत्रों के अनुसार सोमवार की सुबह तक उसका फेसबुक अकाउंट था, पर बाद में बंद हो गया। सवाल यह है कि जब वह पुलिस की गिरफ्त में है तो कौन उसके फेसबुक को हैंडल कर रहा था। कई लोगों ने मनीषा के फ्रेंड लिस्ट से अपना नाम हटा दिया।


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