क्या मनीषा दयाल बिहार को बॉबी सेक्स स्कैंडल की याद दिला रही है?

आसरा गृह काण्ड में नित नए मोड़ आ रहे हैं, जो किसी भी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म को शरमा देने के लिए काफी हैं. अपने कारनामों और राजनीतिक  हलकों में अपने कनेक्शन से मनीषा दयाल बिहार को बॉबी काण्ड की याद दिला रही है.

 

मनीषा के बारे में बताया जा रहा है कि उसके कई हाईप्रोफाइल लोगों के साथ रिश्ते हैं. उसकी फेसबुक प्रोफाइल में मौजूद फोटोज में वह मंत्रियों, बड़े नेताओं और प्रतिष्ठित लोगों के साथ मौजूद है. बताया जा रहा है कि मनीषा ने दो शादियां की थीं. इसके बाद वह तीसरे शख्स से प्यार करती थी और उसके साथ रिश्ते में थी.

 

मनीषा दयाल का पॉलिटिकल और पुलिस कनेक्शन काफी मजबूत है. वह पटना की हाई प्रोफाइल पार्टियों का नामचीन चेहरा हैं और राजनेताओं के साथ भी उनके अच्छे ताल्लुकात हैं. शायद यही कारण था कि रविवार को हुई घटना से पहले जब उसी शेल्टर होम से चार लड़कियों ने भागने की कोशिश की थी तो मामले को अलग मोड़ देने का आरोप लगाया गया. लेकिन दो युवतियों की मौत के बाद आसरा गृह को चलाने वाले एनजीओ की कोषाध्यक्ष मनीषा दयाल को गिरफ्तार कर लिया गया.

 

नीषा के फेसबुक प्रोफाइल को देखने पर पता चला कि उसने हाल में ही एक मैगजीन भी लांच किया था, साथ ही वो लगातार ऐसी पार्टियों में जाती थीं, जहां सियासी दलों से ताल्लुकात रखने वाले नेता और अधिकारी आते थे. नाम न लिखने की शर्त पर मनीषा की एक करीबी ने बताया कि उन्‍होंने हाल ही में पटना और गया में दो फ्लैट्स भी लिये हैं जिनकी कीमत लगभग 80 लाख रुपये है.

 

पटना के राजीव नगर थाना अंतर्गत नेपाली नगर में संचालित आसरा गृह में दो युवतियों की संदिग्ध मौत के बाद से बिहार का समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन भी सकते में हैं. जांच एनजीओ के साथ-साथ मनीषा के उस कनेक्शन की भी हो रही है, जिससे वो बहुत कम समय में एक साधारण महिला से ‘हाई प्रोफाइल’ लेडी बन गईं.

कांग्रेस विधायक ने बेचीं या गिफ्ट की पजेरो ?

 

मनीषा दयाल जिस पजैरो गाड़ी से चलती थी उसके बारे में भी छानबीन की जा रही है. पुलिस ने जिस समय उन्हें गिरफ्तार किया, उस समय वह पजेरो गाड़ी संख्या बीआर 30 ई-0001 में थी. गाड़ी की जांच की गयी, तो पता चला कि गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सीतामढ़ी डीटीओ कार्यालय से हुआ है. गाड़ी कांग्रेस विधायक अमित कुमार टुन्ना के नाम से है. हालांकि विधायक का कहना है कि उन्होंने गाड़ी बेच दी थी. लेकिन, कागज ट्रांसफर नहीं हुए हैं. इधर, कृष्णा  अपार्टमेंट के गार्ड कहना है कि चिरंतन और मनीषा दयाल एक साथ ऑफिस आते थे.  सुबह से लेकर देर शाम तक रहते थे. काफी लोगों का यहां आना होता था. पुलिस ने गाॅर्ड का बयान दर्ज कर लिया है.

 

 

मनीषा दयाल की महज दो वर्षों में फर्श से अर्श तक पहुंचने की कहानी में रोज नये खुलासे हो रहे हैं. तेजी से राजनीतिक गलियारे में अपनी पहचान बनानेवाली मनीषा ने शेल्टर होम की जिम्मेदारी एक महिला को दे दी थी. खुद कभी देखने तक नहीं जाती थी. पीएमसीएच में भर्ती लड़कियों की देखभाल के लिए आयी आसरा होम की केयर टेकर सरोज कुमारी ने इन बातों का खुलासा किया.

 

मिस, मिस्टर बिहार का आयोजन 

 

मनीषा-चिरंतन के कई धंधे थे. अब इनके सभी धंधों की हकीकत खंगाली जा रही है. ये दोनों पटना में मिस-मिस्टर बिहार का भी आयोजन कराते रहे हैं. अब इसके पीछे की असली कहानी भी सामने आने लगी है. क्रिकेट लीग का आयोजन भी मनीषा दयाल कराती थी. इसमें राजधानी की जानी-मानी हस्तियां शामिल होती थीं.

 

एडमिशन का भी चलता था खेल 

 

बोरिंग रोड में मौजूद कृष्णा अपार्टमेंट में ई-11 से कुछ दस्तावेज, रजिस्टर और तस्वीरें मिली हैं, जिनमें एडमिशन का खेल सामने आया है.

आॅफिस के बाहर कई बोर्ड और फ्लैक्स इसमें एवीएन स्कूल का भी जिक्र है. यह स्कूल चिरंतन कुमार के पिता का है. स्कूल की दो शाखाएं हैं. दूसरा ब्रांच रामाशीष सिंह के साथ साझेदारी में था. रामाशीष सिंह वही हैं जो बिहार बोर्ड की परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोप में सीबीआई की जांच के लपेटे में आने के बाद जेल में हैं. एवीएन स्कूल का संचालन एएचआरएफ (अनुमाया ह्युमन रिसोर्सेज फाउंडेशन) कर रहा है. आसरा होम का संचालन भी एएचआरएफ ही कर रहा था जो मूल रूप से चिरंतन कुमार का है, जिसमें मनीषा दयाल बाद में जुड़ी. मनीषा व चिरंतन कुमार की जोड़ी एमबीबीएस, बीबीए, बीडीएस, बीटेक और एमबीए में एडमिशन का भी सौदा करते थे.

 

कब-कब कहां हुई छापेमारी 

सोमवार की रात 10 बजे से लेकर 2:30 बजे तक कृष्णा अपार्टमेंट में चिरंतन के फ्लैट संख्या ई-11 में हुई छापेमारी.

मंगलवार की दोपहर 12:15 बजे दुबारा कृष्णा अपार्टमेंट में चिरंतन के घर-फ्लैट में दो घंटे तक तलाशी.

मंगलवार की दोपहर ही कृष्णा अपार्टमेंट में मौजूद चिरंतन और मनीषा दयाल के ऑफिस में छापेमारी.

मंगलवार को दिन में तीन बजे आनंदपुरी में एसएमएस अपार्टमेंट में मनीषा  दयाल के फ्लैट संख्या 101 में छापेमारी. डेढ़ घंटे तक तलाशी,बेटे व पति से पूछताछ.

 

विदेश में एडमिशन का दावा 

 

चिरंतन-मनीषा के इस ऑफिस में पायोनियर ग्रुप आफ कंसल्टिंग एजेंसी का भी बोर्ड लगा है. यहां पर लिखा गया है कि पायोनियर ग्रुप आपका दाखिला पोलैंड, रूस, उक्रेन, रोमानिया, जर्मनी, स्‍वीडन, इंग्लैंड, अमेरिका, आस्‍ट्रेलिया समेत कई देशों में करा सकता है. इससे साफ है कि इनका अपना नेटवर्क विदेशों तक था.

 

इस दौरान मनीषा दयाल के फोन से मिले कई वीआईपी कांटेक्ट नंबर और कुछ बड़े अधिकारियों के खाते में चेक से  रुपये ट्रांसफर के बारे में पूछताछ की जा रही है. पूछताछ के दौरान मनीषा बार-बार बीमार होने का बहाना बना रही है.

 

चिरंतन, कथित पत्रकार व मनीषा की तिकड़ी : मनीषा दयाल के साथ चिरंतन और कथित पत्रकार, तीनों एक-दूसरे के राजदार हैं. सारा गेम मनीषा प्लान करती थी.

 

चिरंतन और प्रेम इसमें सहयोग करते थे. प्रेम कुमार मनीषा दयाल का सबसे करीबी  बताया जा रहा है. आसरा होम की घटना और मनीषा दयाल के सुर्खियों में आने  के साथ-साथ प्रेम कुमार भी चर्चा में है. मनीषा के साथ प्रेम कई पार्टियों में देखा गया है. कॉरपोरेट क्रिकेट लीग में भी वो मनीषा के साथ था.

 

लड़कियों से मारपीट करती थी मनीषा

 

अल्पावास गृह से लड़कियों के भागने के मामले में शुक्रवार को दर्ज प्राथमिकी में कई बातें सामने आयी. रात में लड़कियों के भागने की सूचना पर जब सुबह में मनीषा दयाल आयी, तो उन्होंने लड़कियों के साथ मारपीट भी की थी. आरोपित बनारसी के बेटे नीरज ने बताया कि लड़कियों के भागने की सूचना खुद उनके पिता ने रात को दो बजे फोन कर पुलिस को दी थी.  लड़कियों के भागने के मामले को लेकर दर्ज केस में मंगलवार को आसरा गृह की तत्कालीन गृह माता सह केस की सूचक रेणु सिन्हा का बयान एसीजेएम के कोर्ट में दर्ज किया गया. बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस ने महिला समेत तीन लड़कियों को ले गयी.

 

स्पीडी ट्रायल के जरिये न्याय सुनिश्चित किया जाएगा: नीतीश

 

बिहार की राजधानी पटना के राजीव नगर में स्थित आसरा शेल्टर होम में दो संवासिनों की मौत के मामले में पटना पुलिस की विशेष टीम ने मंगलवार को मनीषा दयाल के घर पर छापा मारा है. सचिवालय डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस की टीम वेस्ट बोरिंग कैनाल रोड स्थित एसएमएस विला स्थित फ्लैट नं. 101 में छापेमारी करने पहुंची. जानकारी के मुताबिक छापेमारी के दौरान छापेमारी के दौरान मनीषा दयाल के पति घर में मौजूद नहीं थे.

 

इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गाँधी मैदान से बोलते हुए इस पुरे मामले में स्पीडी ट्रायल के जरिये न्याय सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है.

 


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.