VIDEO जब अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं को जगजीत सिंह ने दी आवाज और शाहरुख ने किया अभिनय

अटल बिहारी वाजपेयी एक शानदार वक्ता और राजनेता ही नहीं थे उनके अंदर एक कोमल हृदय कवि भी छुपा था, जो रह-रहकर उड़ान भरता था और यह बताता था कि राजनीति के क्षेत्र में रहकर भी कोई कैसे अपनी कोमलता को जीवित रख सकता है. उनकी पंक्तियां मन को भेद जाती थीं, कई बार उनकी पंक्तियां आंदोलित भी करती हैं, जब वे सीमापार के दुश्मनों को ललकारते थे. यह बात दीगर है कि हिंदी साहित्य में उन्हें एक स्थापित कवि का स्थान नहीं मिअटल बिहारी वाजपेयी एक शानदार वक्ता और राजनेता ही नहीं थे उनके अंदर एक कोमल हृदय कवि भी छुपा था, जो रह-रहकर उड़ान भरता था और यह बताता था कि राजनीति के क्षेत्र में रहकर भी कोई कैसे अपनी कोमलता को जीवित रख सकता है. उनकी पंक्तियां मन को भेद जाती थीं, कई बार उनकी पंक्तियां आंदोलित भी करती हैं, जब वे सीमापार के दुश्मनों को ललकारते थे.  यह बात दीगर है कि हिंदी साहित्य में उन्हें स्थापित कवि का स्थान नहीं मिला, लेकिन यह बहुत बड़ी बात है कि उन्होंने राजनीति के क्षेत्र आजीवन सक्रिय रहते हुए भी अपने अंदर के कवि को जीवित रखा. अटल  बिहारी वाजपेयी मंच पर भी शानदार तरीके से अपनी प्रस्तुति देते थे. आइए सुनें उनकी शानदार कविताओं को:-

 


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