प्रात: कमल के ऑफिस में सीबीआई छापेमारी में दो कार्टन कंडोम, शक्तिवर्धक दवाएं व पोर्न सीडी बरामद

ब्रजेश ठाकुर एनजीओ चला रहा था या चकलाघर ? 

पटना के बुद्ध मार्ग स्थित पुराने म्यूजियम के पास स्थित प्रात: कमल के कार्यालय में सीबीआई की छापेमारी के दौरान दो कार्टन कंडोम, शक्तिवर्धक दवाएं व पोर्नोग्राफी से संबंधित तमाम सीडी व अन्य सामान जब्त किये गये हैं. बालिका गृह कांड में सीबीआइ ने शुक्रवार की सुबह पटना, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर व पूर्वी चंपारण जिले की 12 जगहों पर एक साथ छापेमारी की. इसमें पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पांच ठिकाने शामिल हैं. मंजू वर्मा व उनके पति चंद्रेश्वर वर्मा से सीबीआइ ने करीब साढ़े छह घंटे पूछताछ की.

सीबीआइ की टीम मंजू वर्मा के बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर स्थित घर पर भी पहुंची. इन जगहों से सीबीआइ की टीम ने कई फाइलें समेत संपत्ति के कागजात व अन्य सामान जब्त किया है. पटना के बुद्ध मार्ग स्थित पुराने म्यूजियम के पास स्थित प्रात: कमल के कार्यालय में छापेमारी के दौरान दो कार्टन कंडोम, शक्तिवर्धक दवाएं व पोर्नोग्राफी से संबंधित तमाम सीडी व अन्य सामान जब्त किये गये हैं.

उधर, मुजफ्फरपुर में भी सीबीआइ ने जेल में बंद ब्रजेश ठाकुर के तीन ठिकानों सहित सात जगहों पर तलाशी ली. मोतिहारी के फेनहारा में निलंबित सीपीओ रवि रोशन के गांव में भी सीबीआइ ने छापा मारा है. शुक्रवार सुबह से सीबीआइ की कई टीमें विभिन्न स्थानों पर छापेमारी के लिए निकली थीं. यहां पटना में तीन गाड़ियों से सुबह सात बजे ही 12 सदस्यीय टीम मंजू वर्मा के पटना स्थित सरकारी आवास स्टैंड रोड पहुंची.

टीम ने मंजू वर्मा व उनके पति चंद्रेश्वर वर्मा को अलग-अलग  बैठाकर करीब साढ़े छह घंटे पूछताछ की. इसके बाद केस की जांच कर रहीं आइओ विभा कुमारी भी मंजू वर्मा के आवास पहुंचीं. सीबीआइ ने मंजू वर्मा के पीए अमरेश कुमार अमर व उनकी पत्नी सीडीपीओ पूर्णिमा को भी उनके आवास बुलाया और तमाम जानकारियां मांगी.

बताया जाता है कि मंजू वर्मा के आवास से कई बैंकों की पासबुक, सीडी व अन्य कागजात जब्त किये गये हैं. अमरेश कुमार अमर और पूर्णिमा को सीबीआइ साथ ले गयी है.  दूसरी ओर पाटलिपुत्र कॉलोनी में कनोडिया सदन में सुनील कुमार झा के यहां भी सीबीआइ की टीम पहुंची थी. वह समाज कल्याण विभाग के काउंसेलर हैं.

 

पर तेजस्वी यादव जांच की गति से संतुष्ट नहीं:

मुजफ्फरपुर बालिका गृह के मामले में सरकार की अब तक की कार्रवाई से असंतुष्ट तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार की अब तक की कार्रवाई खानापूरी करने वाली है. मुजफ्फरपुर में वहां के स्थानीय विधायक हैं, जो मंत्री के रूप में कायम हैं मामले में उनकी बड़ी सहभागिता है. उनका अभी तक इस्तीफा नहीं हुआ है. नीतीश जी और सुशील मोदी उनका इस्तीफा लेंगे अथवा हमको दिलाना पड़ेगा.

 

ब्रजेश ठाकुर ने जान पर खतरे की आशंका जताई:

मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले में शनिवार को स्थानीय पोक्सो अदालत में मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिये की गयी. ब्रजेश ठाकुर के साथ सभी दस आरोपितों की पेशी एक-एक करके वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिये की गयी. इस दौरान ब्रजेश ठाकुर ने अदालत से अपनी जान का खतरा होने की आशंका जतायी है. साथ ही कहा है कि उसे माओवादियों के साथ जेल में रखा गया है. इस पर स्पेशल जज की अदालत ने दखल देने से इनकार करते हुए कहा कि सुरक्षा का मामला जेल प्रशासन का है.

 

इस बीच आशंका ये भी है कि कहीं ब्रजेश ठाकुर के केस को हाईलाइट करते करते मनीषा दयाल का मामला दबा न दिया जाये, सीबीआई जांच के बाद से प्रदेश के वरिष्ठ आईएस पदाधिकारियों में हडकंप मचा हुआ है. मनीषा दयाल और ब्रजेश ठाकुर के मामले को अलग अलग करके देखना गलती होगी.

 


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