क्रिकेटर से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री तक का सफ़र: इमरान खान की शानदार यात्रा

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के चेयरमैन इमरान खान ने शनिवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. क्रिकेटर से नेता बने खान देश के 22वें प्रधानमंत्री बने हैं. वैसे पाकिस्तान बनने के 71 साल के इतिहास में आधे से ज्यादा समय तक चार सैन्य सरकारों ने ही शासन किया. इमरान खान की पार्टी को सत्ता के इस मुकाम तक पहुंचने से पहले काफी संघर्ष करना पड़ा. जानिए इमरान खान की पार्टी की स्थापना से लेकर अब तक का सफर….

1992 में पाकिस्तान के तानाशाह जनरल जिया उल हक के अपील पर इमरान खान ने खेल जीवन में संन्यास से फिर से वापसी की और पाकिस्तान टीम का नेतृत्व किया. उस समय किसी ने पाकिस्तान को कप का दावेदार नहीं माना था. पर जैसे जैसे टीम टूर्नामेंट में आगे बढती गयी, टीम मज़बूत होती गयी. फाइनल में इमरान खान के 72 रन और वसीम अकरम के योर्कर्स और मुश्ताक की घुमती गेंदों ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों की नाक में दम कर दिया. इमरान के नेतृत्व में पाकिस्तान ने क्रिकेट का वर्ल्ड कप जीत लिया. इमरान ने पाकिस्तान को क्रिकेटिंग दुनिया का सिरमौर बना दिया. क्या वही कारनामा वे पाकिस्तान के लिए एक बार फिर राजनीति के मैदान में कर सकेंगे.

बहुत संघर्षों से यहाँ तक इमरान पहुंचे हैं. जानिये उनकी राजनीतिक यात्रा:

– 25 अप्रैल 1996 को इमरान खान ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की स्थापना की.

– साल 2002 में इमरान खान ने आम चुनाव लड़ा और संसद सदस्य के रूप में चुने गए.

– 19 नवंबर 2007 को पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ के शासन की आलोचना करने की वजह से खान को थोड़े समय जेल में भी रहना पड़ा.

– 11 मई 2013 को खान ने पाकिस्तान को भ्रष्टाचार मुक्त कल्याणकारी ‘नया पाकिस्तान’ में बदलने का वादा किया.

– 25 जून 2016 को खान ने पनामा पेपर जारी होने के बाद घोषणा की कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ प्रदर्शन करेगी.

– दो नवंबर 2016 को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) नेता हनीफ अब्बासी ने खान को अयोग्य करार देने के लिए याचिका दायर की. अब्बासी ने खान पर मनी लॉन्ड्रिंग, संपत्ति का ब्योरा छुपाने और पार्टी के लिए विदेशों से फंड लेने का आरोप लगाया.

– तीन मई 2017 को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुरू की और खान से ‘बनी गाला’ संपत्ति के संबंध में पूछताछ की.

– एक जून 2017 को खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने ट्वीट करके बताया कि उन्हें इस मामले में इमरान को ‘अदालत में बेकसूर साबित करने के लिए बैंक स्टेटमेंट’ मिला है.

– 15 दिसंबर 2017 को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने खान के पक्ष में फैसला सुनाया और पाकिस्तान भ्रष्टाचार निरोधी अदालत ने पनामा पेपर मामले में नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई शुरू की.

– 27 मई 2018 को पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव आयोजित कराने की घोषणा की गई.

– 25 जुलाई 2018 को पाकिस्तान ने सीधे तीसरी बार चुनी हुई असैन्य सरकार बनाने के लिए मतदान किया.

– 26 जुलाई 2018 को मतदान में कदाचार के आरोपों के बीच खान ने आम चुनाव में जीत का दावा किया.

– 28 जुलाई 2018 को खान की पीटीआई, कौमी असेंबली में 116 सीटों के साथ इस चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी.

– छह अगस्त 2018 को पीटीआई ने खान को पाकिस्तान के अगले प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया.

– सात अगस्त 2018 को चुनाव आयोग ने खान को नेशनल असेंबली के सदस्य के रूप में शपथ लेने की सशर्त अनुमति दी.

– 13 अगस्त 2018 को खान सहित पाकिस्तान के संसद सदस्य के रूप में निर्वाचित 329 सदस्यों ने शपथ ली.

– 15 अगस्त 2018 को पाकिस्तान की संसद ने खान के पार्टी के उम्मीदवारों को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया.

– 17 अगस्त 2018 को खान ने पीएमएल-एन के प्रधानमंत्री उम्मीदवार शहबाज शरीफ को हराया.

– 18 अगस्त 2018 को खान ने पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली.


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