झारखंड में पांच बच्चों की नदी में डूब कर मौत

चौपारण : झारखंड में अंतिम सोमवारी को एक बड़ा हादसा हो गया. चतरा जिला के इटखोरी स्थित भद्रकाली मंदिर के पास मोहाने नदी में आठ बच्चे डूब गये. इनमें से तीन बच्चों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन पांच बच्चों की मौत हो गयी. नदी से बच्चों के शव निकलते ही उनके परिजन चीत्कार कर उठे. पुलिस, गोताखोर के साथ प्रशासनिक अधिकारी, विधायक और पूर्व विधायक घटनास्थल पर पहुंच गये हैं. बच्चों गोताखोरों का दल स्थानीय मछुआरों की मदद से बच्चों की तलाश कर रहा है.

मोहाने नदी में डूबे ये बच्चे हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड के रहने वाले थे. सभी लोग सोमवार की सुबह भद्रकाली मंदिर में स्थित सहस्र 1008 शिवलिंग पर जलार्पण करने आये थे. जलार्पण करने से पहले लोग उत्तरवाहिनी मोहाने नदी में नहाने उतरे और इसी दौरान आठ बच्चे डूब गये.

तीन बच्चों को स्थानीय तैराकों के सहयोग से नदी से सुरक्षित निकाल लिया गया. बाद में गोताखोरों की टीम को भी बुलाया गया. घटना की सूचना पाकर डीएसपी पितांबर सिंह खैरवार भी घटनास्थल पर पहुंचे. स्थानीय तैराक और मछुआरों के सहयोग से नदी में डूबे बच्चों के तलाश जारी है.

बच्चों के नदी में डूबे काफी समय बीत चुका है. ऐसे में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. बताया जाता है कि हजारीबाग जिला अंतर्गत चौपारण थाना क्षेत्र के महराजगंज क्षेत्र से श्रद्धालुओं का एक जत्था अंतिम सोमवारी के दिन सहस्त्र शिवलिंग पर जलाभिषेक करने भद्रकाली आया था.सभी श्रद्धालु नदी में स्नान कर जल लेने नदी गये. तभी अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिसके कारण स्नान कर रहे सभी आठ बच्चे पानी की तेज धार में बहने लगे. बच्चों को बहता देख परिजनों ने शोर मचाया. बच्चों को बचाने का प्रयास करने लगे.

स्थानीय तैराक के सहयोग से तीन बच्चों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया गया. अन्य पांच बच्चे तेज धार में बह गये. परिजनों ने बताया कि नदी में डूबे पांच में दो बच्चे सगे भाई हैं. डूबे बच्चे पैमन साव, किशोरी साव और संतोष प्रसाद केशरी के पुत्र हैं. वहीं, मनोज प्रसाद केशरी के दो पुत्र भी डूबने वाले बच्चों में शामिल हैं.

 


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