केरल बाढ़: मुख्यमंत्री ने केंद्र से 2600 करोड़ के स्पेशल पैकेज की मांग की; जीडीपी में 1% की गिरावट की आशंका

केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन के अनुसार बाढ़ के चलते केरल की अर्थव्यवस्था को अब तक 19512 करोड़ रूपये का नुकसान पहुंचा है. 200 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों विस्थापित हो गए हैं.

बचाव कार्य अब केरल में लगभग पूरा हो चुका है, तो ऐसे में सरकार का ध्यान इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के महती कार्य में लग गया है. ऐसे में केरल सरकार ने केंद्र सरकार से 2600 करोड़ के स्पेशल पैकेज की मांग की है. मुख्यमंत्री ने बताया कि वे यूनाइटेड अरब emirates से भी 700 करोड़ रूपये की सहायता की उम्मीद कर रहे हैं. लेकिन इस बात की संभावना है कि केंद्र सरकार इस सहायता को लेने से इन्कार कर दे, क्योंकि 2004 से केंद्र सरकार विदेशी सहायता स्वीकार नहीं कर रही है. पिछले चौदह वर्षों में भारत ने रूस, अमेरिका, और जापान से 2013 के उत्तराखंड फ्लड में सहायता लेने से इन्कार कर दिया था और फिर 2005 के कश्मीर भूकंप और 2014 के कश्मीर में बाढ़ में भी सरकार ने मदद नहीं ली थी. पिछले सप्ताह के दौरे में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने 500 करोड़ रूपये के सहायता की घोषणा की थी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी 100 करोड़ रूपये की मदद की घोषणा की थी.

इस बीच केंद्र सरकार ने केरल के बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं किया, बल्कि विशेष प्राकृतिक आपदा घोषित किया.  मुख्यमंत्री राहत कोष में अब तक 210 करोड़ रूपये जमा हो गए हैं. इसके अलावा विभिन्न राज्य सरकारों ने अब तक कुल मिलाकर 160 करोड़ रूपये की सहायता देने की घोषणा की है.

इस बीच रेलवे के  पुणे डिवीज़न ने चार टन सहायता सामग्री तिरुअनंतपुरम भेजा है. पिछले सप्ताह पुणे डिवीज़न ने 29 वैगन पीने का पानी केरल भेजा था. इसके अलावा 18 खाली डब्बे भी केरल भेजे गए, ताकि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा सके.

सेंट्रल रेलवे ने कुछ दिनों पहले 14 वैगन और 27 टन राहत सामग्री केरल भेजा था.

इस बीच ये आशा की जा रही है कि कोच्ची एअरपोर्ट 26 अगस्त तक पूरी तरह चालु हो जाएगा. कोच्ची एअरपोर्ट पैसेंजर हैंडलिंग के मामले में देश में सातवाँ सबसे बड़ा एअरपोर्ट है. और लगभग 55 फीसदी ट्रैफिक इंटरनेशनल है. एअरपोर्ट के बंद होने के चलते एयर ट्रैफिक आसपास के एयरपोर्ट्स जैसे तिरुअनंतपुरम और कोजीकोड डाइवर्ट कर दिया गया था.

रेलवे मंत्री पियूष गोयल ने भी रेलवे के स्टाफ से एक दिन की सैलरी केरल को डोनेट करने की अपील की है. ऐसे में उम्मीद है कि केरल को रेलवे के 13 लाख स्टाफ से लगभग 200 करोड़ रूपये की सहायता मिल जाएगी.

जैसे जैसे बाढ़ का पानी घट रहा है, लोग अपने घरों को वापस लौट रहे हैं. लोगों को जान का भय भी सता रहा है क्योंकि घरों में पानी के साथ सांप घुस आये हैं. कई अस्पतालों में सर्प दंश का इलाज़ चल रहा है.

बाढ़ ने केरल की अर्थव्यवस्था को जबर्दस्त नुकसान पहुंचाया है. एक रफ़ अनुमान के अनुसार केरल की जीडीपी को लगभग एक प्रतिशत का नुकसान होने की उम्मीद है.


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