आसरा शेल्टर होम केस: अटका केस, लडखडाती पुलिस, मुस्कुराते अभियुक्त

पटना : राजीव नगर थाना इलाके में स्थित आसरा शेल्टर होम्स के दो संवासिनों की मौत मामले में पुलिस की कार्रवाई मनीषा दयाल व चिरंतन से आगे नहीं बढ़ पा रही है. पुलिस इस मामले में बैंक खाता व अन्य जानकारियों से यह पता लगा चुकी है कि मनीषा दयाल ने सरकारी राशि का सही उपयोग संवासिनों के लिए नहीं किया है. लेकिन पुलिस अपनी जांच को बस यहीं तक सिमटा कर रखी है. सरकारी राशि का ठीक से उपयोग नहीं किया जाता था लेकिन इसे देखने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों की होने के बावजूद भी अनदेखी कैसे की गयी? पुलिस इस मामले में संबंधित विभाग के पदाधिकारियों से पूछताछ कर सकती थी. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.

पटना पुलिस का इस मामले में केवल एक ही बात कहना है कि प्राथमिकी में जिस बात की शिकायत की गयी है उसी विंदु पर केवल जांच की जायेगी. जबकि मनीषा दयाल ने सरकारी राशि में गड़बड़ी की और संबंधित विभाग के पदाधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया. पुलिस ने जांच को सीमित कर दिया है इसलिए उससे जुड़े अधिकारियों का बच निकलना तय है.


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