बिहार में बिल्डरों पर सरकार का शिकंजा कसा; फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए ये कदम उठाये जायेंगे…

पटना:  राज्य में बिल्डरों पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है. अब जो बिहार के जो बिल्डर रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट (रेरा) से निबंधित नहीं होंगे, उनके द्वारा बनाए गए फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी. शुक्रवार को कैबिनेट ने बिहार रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) नियमावली 2018 के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

 

कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बिल्डरों के मनमाने रवैये के खिलाफ रेरा को बड़ी संख्या में शिकायतें मिली हैं. इसी के आधार पर रेरा ने सरकार को नया कानून बनाने का सुझाव दिया था ताकि बिल्डरों की नकेल कसी जा सके. नए कानून से फ्लैट, जमीन और अपार्टमेंट के खरीदारों की सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी.

 

अब यह प्रावधान किया गया है कि जो भी बिल्डर रेरा से निबंधित नहीं होंगे उनके द्वारा बनाए गए फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी. मद्यनिषेध, उत्पाद और निबंधन विभाग द्वारा बिहार रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) नियमावली 2018 के गठन का आदेश किए जाने के साथ ही नई व्यवस्था लागू हो जाएगी.

 

हरेक पैक्स में खुलेंगे कृषि संयंत्र बैंक, 1692 करोड़ रुपए होंगे खर्च
राज्य के किसान अब किराए पर कृषि संयंत्र लेकर खेती कर सकेंगे. राज्य की हरेक पैक्स में कृषि संयंत्र बैंक खोला जाएगा. इसके लिए सरकार ने मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना तैयार की है. इसके तहत हरेक पैक्स को कृषि संयंत्र बैंक खोलने के लिए 20 लाख रुपए दिए जाएंगे. किसानों को उपकरण किराए पर देने से पैक्सों को अतिरिक्त आमदनी होगी.

 

पूरी योजना पर 1692 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस योजना में एनसीडीएस से 846 करोड़ रुपए मिलेंगे. एलडी-यूडी अनुदान के रूप में 423 करोड़ रुपए जबकि इससे अतिरिक्त अनुदान के रूप में 423 रुपए दिए जाएंगे.


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